जबलपुर एयरपोर्ट का बदलेगा नाम, क्या होगी नई पहचान? CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान

मध्य प्रदेश के जबलपुर एयरपोर्ट का नाम बदलने जा रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ये ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि इस मुद्दे को लेकर प्रस्ताव जल्द ही केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।

Jun 24, 2026 - 16:32
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जबलपुर एयरपोर्ट का बदलेगा नाम, क्या होगी नई पहचान? CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गोंडवाना साम्राज्य की महान शासिका वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान को नमन करते हुए एक बड़ी घोषणा की है। वीरांगना रानी दुर्गावती समाधि स्थल पर आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में मीडिया से मुखातिब होते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती का अद्वितीय बलिदान सदियों से देशवासियों को प्रेरित करता आया है। जनभावनाओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग का सम्मान करते हुए राज्य सरकार अब जबलपुर एयरपोर्ट का नामकरण 'वीरांगना रानी दुर्गावती' के नाम पर करने जा रही है।

फ्लाईओवर-चिड़ियाघर भी रानी दुर्गावती के नाम पर

सीएम मोहन यादव ने कहा कि देश के किसी भी कोने से जब कोई उड़ान यहां पहुंचे, तो यात्रियों को इस पावन भूमि के गौरवशाली इतिहास और रानी दुर्गावती के शौर्य की याद स्वतः ही आ जाए। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश सरकार रानी दुर्गावती के ऐतिहासिक योगदान को अमर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। इससे पहले सरकार ने जबलपुर और संग्रामपुर जैसी जगहों पर कैबिनेट बैठकें आयोजित कर इतिहास रचा था। साथ ही, जबलपुर के सबसे बड़े नवनिर्मित फ्लाईओवर और यहां बनने जा रहे नए चिड़ियाघर (Zoo) का नाम भी रानी दुर्गावती के नाम पर करने का निर्णय लिया जा चुका है।

जल्द ही केंद्र सरकार को जाएगा प्रस्ताव

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि जबलपुर एयरपोर्ट के नामकरण का औपचारिक प्रस्ताव जल्द ही राज्य सरकार की सिफारिश के साथ केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री को भेजा जाएगा। इस अवसर पर उनके साथ कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह, संपतिया उइके और पूर्व सांसद हेमंत खंडेलवाल सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

किसानों के लिए भी बड़ा ऐलान

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसानों के लिए भी एक बड़ा ऐलान किया है। सीएम मोहन यादव ने कहा- "किसानों के हित में हमारी सरकार लगातार कार्य कर रही है। अब किसानों को 31 मार्च तक ऋण चुकाने की बाध्यता से राहत मिलेगी एवं उन्हें समृद्धि के नए अवसर प्राप्त होंगे। इस निर्णय के लिए राज्य सरकार लगभग ₹880 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार वहन करेगी।

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