नक्सलवाद के बाद अब अवैध घुसपैठ पर एक्शन के लिए तैयार मोदी सरकार, अमित शाह ने 9 जुलाई को बुलाई बड़ी बैठक

पिछले साल 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से सीमावर्ती इलाकों में जनसांख्यिकीय बदलाव को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चुनौती बताया था.

Jul 1, 2026 - 20:00
 0  11
नक्सलवाद के बाद अब अवैध घुसपैठ पर एक्शन के लिए तैयार मोदी सरकार, अमित शाह ने 9 जुलाई को बुलाई बड़ी बैठक

देशभर से नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब केंद्र सरकार का अगला बड़ा कदम अवैध घुसपैठियों के खिलाफ शुरू होने वाला है. इसको लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तरफ से एक समिति का गठन भी कर दिया गया है. अब अवैध घुसपैठियों को बाहर निकालने के लिए रणनीति बनाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 9 जुलाई, 2026 को राज्यों के डीजीपी की बैठक बुलाई है. बैठक में सिर्फ अवैध घुसपैठियों की पहचान और उन्हें वापस भेजने की रणनीति ही नहीं, बल्कि उन्हें संरक्षण देने वाले पूरे नेटवर्क पर भी कार्रवाई का रोडमैप तैयार किया जाएगा. 

बैठक में सुरक्षा एजेंसी के अधिकारी भी रहेंगे मौजूद

अवैध घुसपैठ के खिलाफ केंद्र सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 9 जुलाई को सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों की बैठक बुलाई है. बैठक में आईबी, रॉ, एनआईए, बीएसएफ, एसएसबी समेत सभी प्रमुख केंद्रीय एजेंसियों के प्रमुख भी शामिल होंगे. बैठक का एजेंडा साफ है- देशभर में अवैध घुसपैठियों की पहचान, उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया तेज करना और घुसपैठ से जुड़े पूरे इको-सिस्टम को ध्वस्त करने की साझा रणनीति तैयार करना। गृह मंत्री कई मौकों पर इस मुद्दे को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहरा चुके हैं. 

घुसपैठियों को देश में बसाने का पूरा नेटवर्क सक्रिय- सरकार

सरकार का मानना है कि चुनौती सिर्फ सीमा पार करने तक सीमित नहीं है. घुसपैठियों को बसाने, फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराने, रोजगार दिलाने और देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने वाला पूरा नेटवर्क सक्रिय है. सूत्रों के मुताबिक, बैठक में इसी नेटवर्क पर सबसे बड़ा प्रहार करने की रणनीति पर भी चर्चा होगी.

पीएम मोदी ने लाल किले से घुसपैठ को बताया था बड़ी चुनौती

दरअसल, पिछले वर्ष 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से सीमावर्ती इलाकों में जनसांख्यिकीय बदलाव को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चुनौती बताया था. इसके बाद गृह मंत्रालय ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति बनाई, जो सीमावर्ती इलाकों के साथ-साथ महानगरों और औद्योगिक शहरों का भी अध्ययन कर रही है. सरकार का मानना है कि अलग-अलग राज्यों में अलग कार्रवाई के बजाय पूरे देश में एक साथ अभियान चलाकर ही इस चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है. 

इस बैठक के बाद ये उम्मीद जताई जा रही है कि जिस तरह देशभर में नक्सलमुक्त अभियान चला और देशभर से नक्सलियों का खात्मा किया गया, उसी तरह से देशभर में अवैध घुसपैठियों को लेकर एक बड़ा अभियान चलाया जाएगा और देश से घुसपैठियों को बाहर निकाला जाएगा. 

साभार