राघौगढ़ 'राजमहल' में सियासी रार: जयवर्धन के पोस्टर पर भड़के चाचा लक्ष्मण सिंह, समर्थकों को सुनाई खरी-खोटी

राघौगढ़ में जयवर्धन सिंह के स्वागत वाले पोस्टर पर पूर्व सांसद लक्ष्मण सिंह भड़क गए. उन्होंने सार्वजनिक रूप से समर्थकों को फटकार लगाते हुए पोस्टर हटाने की मांग की. जानिए क्या कुछ कहा?

Jun 18, 2026 - 16:29
 0  11
राघौगढ़ 'राजमहल' में सियासी रार: जयवर्धन के पोस्टर पर भड़के चाचा लक्ष्मण सिंह, समर्थकों को सुनाई खरी-खोटी

मध्यप्रदेश की राजनीति में राघौगढ़ राजपरिवार लंबे समय से एकजुटता और मजबूत राजनीतिक पकड़ के लिए जाना जाता रहा है. लेकिन अब इसी परिवार के भीतर मतभेद खुलकर सामने आते दिखाई दे रहे हैं. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के छोटे भाई और पूर्व सांसद लक्ष्मण सिंह ने अपने ही भतीजे व राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह के स्वागत में लगाए गए होर्डिंग्स और पोस्टरों को लेकर सार्वजनिक नाराजगी जताई है. सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में लक्ष्मण सिंह ने न केवल पोस्टर लगाने वाले नेताओं को फटकार लगाई, बल्कि परिवार की तस्वीरों के इस्तेमाल और पोस्टर के स्थान को लेकर भी गंभीर आपत्ति दर्ज की. इस घटनाक्रम ने राघौगढ़ से लेकर भोपाल तक राजनीतिक चर्चाओं को नया विषय दे दिया है.

एक पोस्टर से शुरू हुआ पूरा विवाद

विवाद की शुरुआत राघौगढ़ के गैल-विजयपुर पार्किंग (टैंकर एरिया) के पास लगाए गए एक बड़े स्वागत होर्डिंग से हुई. यह पोस्टर नगर पालिका अध्यक्ष विजय कुमार साहू और जनपद अध्यक्ष प्रज्ञा मीणा के पति चंद्रमोहन मीणा की ओर से लगाया गया था.

होर्डिंग में विधायक जयवर्धन सिंह का स्वागत करते हुए लिखा गया था "श्री राघौजी की पावन नगरी राघौगढ़ में स्वागत, वंदन, अभिनंदन... विकास और विश्वास एक ही नाम, राघौगढ़ की आन-बान और शान विधायक जयवर्धन सिंह जी."

पोस्टर में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, विधायक जयवर्धन सिंह, लक्ष्मण सिंह और उनके पुत्र की तस्वीरें भी शामिल थीं

पोस्टर देखकर भड़के लक्ष्मण सिंह

हालांकि पोस्टर में उनकी तस्वीर मौजूद थी, लेकिन लक्ष्मण सिंह को भतीजे जयवर्धन सिंह का एकतरफा महिमामंडन और पोस्टर लगाने का स्थान पसंद नहीं आया. उन्होंने मौके पर पहुंचकर एक वीडियो जारी किया और खुलकर नाराजगी जाहिर की. लक्ष्मण सिंह ने कहा कि जिस स्थान पर पोस्टर लगाया गया है, वह पहले भी विवादों में रह चुका है और वहां से कई बार नशीले पदार्थों की बरामदगी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं.

ड्रग्स पकड़े गए तो परिवार की बदनामी होगी'

वीडियो संदेश में लक्ष्मण सिंह ने कहा, "मैं टैंकर एरिया के सामने खड़ा हूं. यहां हमारे परिवार की तस्वीरों के साथ बोर्ड लगाया गया है. इस पूरे इलाके को पता है कि यहां पहले कई बार ड्रग्स पकड़ी जा चुकी है. अगर भविष्य में फिर ऐसी कोई घटना होती है तो हमारे परिवार का नाम भी उससे जोड़ा जाएगा और बदनामी होगी." उन्होंने परिवार की तस्वीरों का इस्तेमाल करने पर भी आपत्ति जताई और पोस्टर तत्काल हटाने की मांग की.

जनपद अध्यक्ष के पति पर भी साधा निशाना

लक्ष्मण सिंह ने मामला केवल पोस्टर तक सीमित नहीं रखा. उन्होंने जनपद अध्यक्ष प्रज्ञा मीणा के पति चंद्रमोहन मीणा को भी सीधे निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि जनपद अध्यक्ष एक संवैधानिक पद है और उस पद पर निर्वाचित महिला को स्वतंत्र रूप से काम करने का अवसर मिलना चाहिए. लक्ष्मण सिंह ने कहा, "महिला सशक्तिकरण का अर्थ है कि निर्वाचित महिला प्रतिनिधि स्वयं निर्णय लें और काम करें. उनके पति को उनकी भूमिका में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए."

'परिवार को प्रचार की जरूरत नहीं'

पूर्व सांसद ने यह भी कहा कि उनके परिवार और कांग्रेस ने वर्षों की मेहनत और संघर्ष से राघौगढ़ में जनाधार तैयार किया है. उन्होंने समर्थकों को नसीहत देते हुए कहा कि यदि विकास कार्य हुए हैं तो उन कार्यों के नाम पर पोस्टर लगाए जाएं, न कि परिवार के नाम का उपयोग कर व्यक्तिगत राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जाए. उन्होंने कहा, "हमारा परिवार किसी पहचान का मोहताज नहीं है. ईश्वर की कृपा से हमें पोस्टरों और प्रचार की जरूरत नहीं है. कुछ लोग परिवार की आड़ लेकर अपना हित साधना चाहते हैं."

पुराने मतभेद फिर चर्चा में

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विवाद केवल एक पोस्टर का नहीं, बल्कि लंबे समय से चले आ रहे अंदरूनी मतभेदों की सार्वजनिक अभिव्यक्ति है. गौरतलब है कि कांग्रेस की नीतियों को लेकर असहमति जताने के बाद लक्ष्मण सिंह पार्टी से दूरी बना चुके हैं. इसके बाद से ही उनके और बड़े भाई दिग्विजय सिंह तथा भतीजे जयवर्धन सिंह के बीच मतभेदों की चर्चाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं.

महायज्ञ कार्यक्रम में भी दिखी दूरी

हाल ही में ग्राम भैंसाना में आयोजित एक बड़े धार्मिक महायज्ञ के दौरान भी परिवार के भीतर दूरी की चर्चाएं तेज हुई थीं. कार्यक्रम में दिग्विजय सिंह की मौजूदगी के बावजूद लक्ष्मण सिंह मुख्य कार्यक्रमों में दिखाई नहीं दिए. वहीं उनकी पत्नी ने भी आयोजन से दूरी बनाए रखी थी. इससे राजनीतिक गलियारों में परिवार के भीतर चल रहे मतभेदों को लेकर अटकलें और मजबूत हुई थीं.

राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज

राघौगढ़ को दिग्विजय सिंह परिवार का मजबूत राजनीतिक गढ़ माना जाता है. ऐसे में परिवार के वरिष्ठ सदस्य लक्ष्मण सिंह का सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर करना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि दिग्विजय सिंह, विधायक जयवर्धन सिंह या पोस्टर लगाने वाले नेताओं की ओर से इस पूरे विवाद पर क्या प्रतिक्रिया आती है.

साभार