राज्यसभा चुनाव एमपी: मीनाक्षी के समर्थन में कांग्रेस नेताओं का भोपाल में उपवास, संविधान की प्रति लेकर बैठे
हाथों में संविधान लेकर और काली पट्टी बांधकर कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता उपवास पर बैठे हैं. मौके पर कांग्रेस के वरिष्ट नेत दिग्विजय सिंह, प प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, अरुण यादव, हेमंत कटारे समेत कांग्रेस विधायक मौजूद हैं.
कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन (Meenakshi Natarajan) का राज्यसभा नामांकन खारिज किए जाने के विरोध में कांग्रेस भोपाल में उपवास पर बैठी है. इस दौरान कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता हाथों में संविधान की प्रति लिए हुए हैं और काली पट्टी बांधकर विरोध जता रहे हैं. सामूहिक उपवास में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, राज्यसभा सांसद अशोक सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव, पीसीएस चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेस के तमाम विधायक मौजूद हैं.
कांग्रेस नेता EC के अधिकारियों से नहीं करेंगे मुलाकात
इससे पहले प्रदेश कांग्रेस दफ्तर में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बंद कमरे में एक घंटे तक भविष्य की रणनीति तैयार की. इसके बाद कांग्रेस ने स्थानीय चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात टाल दी. बताया जा रहा है कि दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व ही चुनाव आयोग से बात करेगी और उसके बाद आगे की रणनीति तैयार की जाएगी.
वहीं कांग्रेस का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल थोड़ी ही देर में दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात करेगा. इस प्रतिनिधिमंडल में केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, रणदीप सुरजेवाला, सचिन पायलट, मीनाक्षी नटराजन, दीपा दासमुंशी, भूपेश बघेल, विवेक तन्खा, मोहम्मद अली खान और उमर होडा शामिल हैं.
देर रात तक धरना प्रदर्शन
मंगलवार को कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र जांच के दौरान रिटर्निंग ऑफिसर ने रद्द कर दिया. जिसके बाद प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने का रास्ता साफ हो गया है. हालांकि इस फैसले को कांग्रेस ने असंवैधानिक, अवैध और लोकतंत्र पर हमला बताया है. इसके बाद देर रात तक दिल्ली और भोपाल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता समेत कार्यकर्ता चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर धरना-प्रदर्शन पर बैठ गए.
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