सुप्रीम कोर्ट ने राज्य बार काउंसिल चुनाव विवादों के शीघ्र निपटारे के लिए 2 नए चुनाव ट्रिब्यूनल गठित किए

May 19, 2026 - 17:00
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सुप्रीम कोर्ट ने राज्य बार काउंसिल चुनाव विवादों के शीघ्र निपटारे के लिए 2 नए चुनाव ट्रिब्यूनल गठित किए

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य बार काउंसिलों के चुनाव से जुड़े विवादों के शीघ्र निपटारे के लिए दो नए चुनाव ट्रिब्यूनल गठित किए। इन ट्रिब्यूनलों की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस हिमा कोहली करेंगे। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिा (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ ने यह आदेश पारित करते हुए निर्देश दिया कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) प्रस्तावित सदस्यों की औपचारिक सहमति ले और 3 दिनों के भीतर ट्रिब्यूनलों को अधिसूचित करे।

ये दो नए ट्रिब्यूनल पहले से मौजूद ट्रिब्यूनलों के अतिरिक्त होंगे और इनकी संरचना इस प्रकार होगी - (1) सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस दीपक गुप्ता (अध्यक्ष), आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर (सदस्य), और सीनियर एडवोकेट महालक्ष्मी पावनी (सदस्य)। (2) सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस हिमा कोहली (अध्यक्ष), झारखंड हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान (सदस्य) और सीनियर एडवोकेट कवीता वाडिया (सदस्य)।

कोर्ट ने कहा कि पीड़ित पक्ष ट्रिब्यूनलों के समक्ष अपने दावे प्रस्तुत करने के लिए स्वतंत्र होंगे। कोर्ट ने सभी ट्रिब्यूनलों से यह भी अनुरोध किया कि वे मुद्दों पर शीघ्रता से निर्णय लें। राज्य बार काउंसिलों को निर्देश दिया गया कि जब तक चुनाव विवादों पर ट्रिब्यूनलों द्वारा निर्णय नहीं ले लिया जाता, तब तक वे संबंधित रिकॉर्ड को सुरक्षित रखें। सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट कुमुद लता दास ने दलील दी कि एक मामला महिलाओं के लिए 20% आरक्षण से संबंधित था, जिसमें 5 उम्मीदवारों को चुना जाना था। उन्होंने तर्क दिया कि मतगणना की 'हेयर-क्लार्क प्रणाली' (Hare-Clark system) का पालन नहीं किया गया और पहली वरीयता के बाद ही निष्कासन सूची प्रकाशित कर दी गई।

BCI की ओर से सीनियर एडवोकेट गुरुकृष्ण कुमार ने सूचित किया कि वर्ष 2023 में ही BCI ने चुनाव ट्रिब्यूनलों के गठन के लिए नियम बनाए, जिनके आधार पर एक 3-सदस्यीय ट्रिब्यूनल पहले से ही कार्यरत है। BCI के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने अपनी ओर से तर्क दिया कि 2026 में होने वाले बार काउंसिल चुनावों से संबंधित विवादों से निपटने के लिए दो चुनाव ट्रिब्यूनलों की आवश्यकता है - एक जो पहले से मौजूद है (जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस सुधांशु धूलिया कर रहे हैं) और दूसरा जिसे कोर्ट गठित कर सकता है। एक मौके पर कुमुद लता दास ने ज़ोर देकर कहा कि BCI के एक ही संयुक्त मतपत्र रखने के फ़ैसले की वजह से भ्रम पैदा हो गया, और BCI को इस समिति का हिस्सा नहीं होना चाहिए। हालांकि, BCI के चेयरमैन ने इस दलील का खंडन करते हुए बताया कि यह फ़ैसला सुपरवाइज़री समिति ने लिया था। आखिरकार, बेंच ने सभी मुद्दों को ट्रिब्यूनलों द्वारा तय किए जाने के लिए छोड़ दिया।

Case Title: SAVITA DEVI @ SAVITA DHANDA AND ORS. Versus UNION OF INDIA AND ORS., W.P.(C) No. 589/2026 (and connected cases)

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