कैलाश विजयवर्गीय पर बंगाल में दर्ज केस वापस होंगे; सांसद शंकर लालवानी का दावा, कांग्रेस की ECI से ये है मांग

इंदौर सांसद शंकर लालवानी ने कहा बंगाल में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर दर्ज झूठे केस वापस लिए जाएंगे, कांग्रेस ने चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग की.

May 6, 2026 - 20:14
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कैलाश विजयवर्गीय पर बंगाल में दर्ज केस वापस होंगे; सांसद शंकर लालवानी का दावा, कांग्रेस की ECI से ये है मांग

मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर पश्चिम बंगाल में दर्ज मामलों को लेकर सियासत तेज हो गई है. इंदौर से भाजपा सांसद शंकर लालवानी ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि बंगाल चुनाव के दौरान राजनीतिक द्वेष के तहत विजयवर्गीय को निशाना बनाया गया और उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए गए. उन्होंने दावा किया कि न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और धीरे‑धीरे सभी फर्जी केस वापस लिए जाएंगे. इस बयान के बाद कांग्रेस ने पलटवार किया है और चुनावी हलफनामे में केस की जानकारी छुपाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है.

“राजनीतिक साजिश के तहत दर्ज हुए मामले”

इंदौर सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव के समय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को जानबूझकर टारगेट किया गया. बंगाल में भाजपा को चुनाव जिताने के लिए उन्होंने कड़ा संघर्ष किया, जिसका बदला वहां की सरकार ने उनके खिलाफ कई आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया. लालवानी ने कहा कि सभी केस झूठे हैं और न्यायपालिका पर विश्वास के चलते धीरे‑धीरे इन्हें वापस लिया जाएगा.

कैलाश विजयवर्गीय का भावुक बयान

इससे पहले खुद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों पर बात करते हुए कहा था कि उनके खिलाफ वहां 38 आपराधिक मामले दर्ज किए गए. उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि सक्रिय राजनीति के दौरान उन पर दुष्कर्म और चाइल्ड ट्रैफिकिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए. विजयवर्गीय ने इन सभी मामलों को राजनीतिक साजिश करार दिया.

“रेप और चाइल्ड ट्रैफिकिंग जैसे आरोप लगाए गए”

कांग्रेस का पलटवार

मंत्री के मामलों को वापस लिए जाने की बात पर कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि सबसे पहले चुनाव आयोग को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए, क्योंकि विजयवर्गीय ने अपने चुनावी हलफनामे में दर्ज मामलों की सही जानकारी नहीं दी. उनके मुताबिक, केस की जानकारी छुपाना अपराध है और इस पर कार्रवाई होनी चाहिए.

“जब सैयां भये कोतवाल…”

मुकेश नायक ने तंज कसते हुए कहा, “जब सैयां भये कोतवाल, तो डर किस बात का. फिर केस वापस ही लिए जाएंगे.” कांग्रेस का आरोप है कि सत्ता के दबाव में मामलों को खत्म करने की कोशिश की जा रही है

सियासी घमासान तेज

एक तरफ भाजपा इसे राजनीतिक प्रतिशोध से जुड़ा मामला बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे कानून और चुनावी प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर सवाल बता रही है. कैलाश विजयवर्गीय पर दर्ज मामलों को लेकर आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने के आसार हैं, क्योंकि मामला अब न्यायपालिका, चुनाव आयोग और राजनीतिक नैतिकता से भी जुड़ गया है.

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