तिरुपति बालाजी से सिद्धिविनायक तक... देश के टॉप-10 अमीर मंदिरों के पास कितनी संपत्ति?

अयोध्या के राम मंदिर में हुई चंदा चोरी की घटना से हर कोई हैरान रह गया है. इस घटना के बाद भारत के टॉप 10 सबसे अमीर मंदिरों की चर्चा तेज हो चुकी है.

Jun 30, 2026 - 17:33
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तिरुपति बालाजी से सिद्धिविनायक तक... देश के टॉप-10 अमीर मंदिरों के पास कितनी संपत्ति?

अयोध्या के भव्य राम मंदिर में हुी चढ़ावे की चोरी ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. आस्था के इस पावन धाम में पैसों की हेराफेरी की खबर आते ही हर तरफ नाराजगी देखने को मिल रही है. SIT टीम इस मामले की गहराई से तफ्तीश कर रही है और अब तक आठ आरोपियों को पकड़ा जा चुका है. इस हैरान करने वाली घटना ने देश के 10 सबसे अमीर मंदिरों के आर्थिक साम्राज्य की ओर सबका ध्यान खींचा है. भारत के ये मंदिर सिर्फ अध्यात्म के केंद्र नहीं, बल्कि इनके पास सोने, चांदी, जमीन और नकद का भंडार है.

तिरुपति बालाजी मंदिर

आंध्र प्रदेश के पहाड़ों पर स्थित तिरुपति बालाजी मंदिर देश का सबसे धनी मंदिर माना जाता है. इस पावन धाम की अनुमानित कुल संपत्ति करीब तीन लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा है. मंदिर के पास बड़ी मात्रा में जमीन-जायदाद होने के साथ-साथ करीब 10.3 टन शुद्ध सोना और बैंक खातों में 15,938 करोड़ रुपये नकद जमा हैं. हर साल यहां पर देश-विदेश से आने वाले करोड़ों भक्त लाखों का चढ़ावा चढ़ाते हैं. प्रसाद की बिक्री, वीआईपी टिकट और बैंक के ब्याज को मिलाकर मंदिर की सालाना आमदनी ही 5258 करोड़ से ऊपर निकल जाती है.

पद्मनाभस्वामी मंदिर 

केरल के तिरुवनंतपुरम में स्थित श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर अपनी भव्यता और प्राचीनता के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है. इस ऐतिहासिक मंदिर की कुल अनुमानित संपत्ति 1.2 लाख करोड़ के आसपास है. इस मंदिर के नीचे बने रहस्यमयी और सुरक्षित तहखानों में पुराना बेशकीमती खजाना छिपा हुआ है. इस खजाने में प्राचीन सोने के सिक्के, हीरे, चांदी, माणिक्य और सोने के आभूषण शामिल हैं. सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में इस संपत्ति का मूल्यांकन किया गया था.

जगन्नाथ मंदिर

ओडिशा के पुरी में स्थित भगवान जगन्नाथ का मंदिर न केवल चार धामों में से एक है, बल्कि यह आर्थिक रूप से भी बेहद ताकतवर है. इस मंदिर की कुल अनुमानित कीमत 1.2 लाख करोड़ के आसपास बैठती है. यहां पर भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र को सोने के भारी-भारी गहने चढ़ाए गए हैं, जिन्हें विशेष त्योहारों के मौके पर पहनाया जाता है. इसके अलावा मंदिर के नाम पर ओडिशा और देश के अन्य हिस्सों में हजारों एकड़ की कीमती जमीन मौदूज है. हर साल होने वाली विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ यात्रा में भक्त दिल खोलकर दान करते हैं.

श्रीराम मंदिर

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में नवनिर्मित श्रीराम मंदिर देश के सबसे तेजी से समृद्ध हुए धार्मिक स्थलों में शामिल हो चुका है. हाल ही में हुए निर्माण और देशव्यापी समर्पण निधि अभियान के बाद इस मंदिर की अनुमानित संपत्ति 5000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. रामलला के दर्शन के लिए हर दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिससे दानपात्र तेजी से भर रहे हैं. 

काशी विश्वनाथ मंदिर

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा किनारे स्थित बाबा काशी विश्वनाथ का मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का प्रतीक है. काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के भव्य निर्माण के बाद से यहां आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इस ऐतिहासिक मंदिर की कुल अनुमानित संपत्ति 3000 करोड़ के करीब है. मंदिर के गर्भगृह और शिखरों को चमचमाते सोने से मढ़ा गया है. यहां हर साल आने वाला नकद चढ़ावा, ऑनलाइन डोनेशन और भक्तों द्वारा गुप्त रूप से दिया जाने वाला सोना-चांदी मंदिर के खजाने की ताकत बढ़ा रहा है.

साईं बाबा मंदिर

महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित शिरडी के साईं बाबा संस्थान की गिनती देश के सबसे सक्रिय और अमीर ट्रस्टों में की जाती है. बाबा के दरबार की संपत्ति 3000 करोड़ रुपये है. शिरडी के खजाने में भारी मात्रा में सोने के सिंहासन, मुकुट और आभूषण जमा हैं. इसके अलावा मंदिर के पास बड़ी मात्रा में फिक्सड डिपॉजिट और कीमती संपत्तियां हैं. साईं बाबा ट्रस्ट इस पैसे का एक बहुत बड़ा हिस्सा बड़े पैमाने पर मुफ्त अस्पतालों, स्कूलों और अनाथालयों में खर्च करता है.

वैष्णो देवी धाम

जम्मू-कश्मीर के त्रिकूट पर्वत पर स्थित माता वैष्णों देवी का दरबार देश के सबसे प्रतिष्ठित और सुरक्षित धार्मिक स्थलों में से एक है. श्राइन बोर्ड की देखरेख में चलने वाले इस पवित्र धाम की कुल अनुमानित संपत्ति 2500 करोड़ रुपये है. हर साल देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु पैदल यात्रा करके माता के भवन में पहुंचते हैं. भक्तों के द्वारा चढ़ाए जाने वाले सोने-चांदी और नकदी को श्राइन बोर्ड बहुत ही व्यवस्थित तरीके से सहेजकर रखता है.

गुरुवायूर देवस्वोम

केरल के त्रिशूर जिले में स्थित गुरुवायूर श्रीकृष्ण मंदिर को भारत का द्वारका भी कहा जाता है. भगवान गुरुवायूरप्पन के इस बेहद प्राचीन मंदिर की कुल अनुमानित संपत्ति 2000 करोड़ रुपये के आसपास है. मंदिर प्रबंधन यानी देवस्वोम बोर्ड के पास बैंक खातों में भारी-भरकम नकदी जमा है. इसके साथ ही मंदिर के पास सैकड़ों एकड़ जमीन और जंगलों का भी मालिकाना हक है. इस मंदिर की एक और खास बात है कि यहां भगवान की सेवा के लिए देश में सबसे ज्यादा हाथियों को पाला जाता है.

सोमनाथ मंदिर

गुजरात के वेरावल पोर्ट के पास स्थित प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर का इतिहास जितना गौरवशाली है, इस मंदिर की आर्थिक स्थिति भी उतनी मजबूत है. इतिहास में दर्ज मजमूद गजनवी द्वारा 17 बार लूटे जाने के बाद भी आज यह मंदिर 1100 करोड़ की अनुमानित संपत्ति का मालिक है. सोमनाथ ट्रस्ट के पास बड़ी मात्रा में जमीनें और अत्याधुनिक गेस्ट हाउस हैं. मंदिर के गर्भगृह और गर्भगृह के खंभों को पूरी तरह से सोने की परतों से जड़ा गया है. यहां आने वाले श्रद्धालु हर साल मंदिर के विकास के लिए करोड़ों का दान करते हैं.

सिद्धिविनायक मंदिर

मुंबई में स्थित भगवान गणेश का सिद्धिविनायक मंदिर बॉलीवुड सितारों, बिजनेसमैन और आम जनता के लिए सबसे मशहूर मंदिर और पसंदीदा प्रार्थना स्थल है. बप्पा के इस भव्य मंदिर की कुल अनुमानित संपत्ति 800 करोड़ रुपये से ज्यादा की बताई जाती है. मुंबई के प्रभादेवी इलाके में स्थित इस बेहद प्रभावशाली मंदिर के पास बड़ी मात्रा में सोने के आभूषण और फिक्स्ड डिपॉजिट मौजूद है. इस मंदिर में हर साल आने वाले करोड़ों के चढ़ावे का एक बड़ा हिस्सा गरीब मरीजों के इलाज, कैंसर पीड़ितों की मदद और अन्य परोपकारी कामों में लगाया जाता है.

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