भोपाल मेट्रो को 3052 करोड़ मंजूर, किसानों को मंडी शुल्क में राहत; जानिए MP कैबिनेट के बड़े फैसले

मध्यप्रदेश कैबिनेट में भोपाल मेट्रो के लिए 3052 करोड़ मंजूर. किसानों को कपास मंडी शुल्क में राहत, सोलर और प्राकृतिक खेती पर जोर. पढ़िए कैबिनेट की बैठक में क्या-क्या फैसले लिए गए.

Jun 9, 2026 - 16:38
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भोपाल मेट्रो को 3052 करोड़ मंजूर, किसानों को मंडी शुल्क में राहत; जानिए MP कैबिनेट के बड़े फैसले

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित मध्यप्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में विकास, कृषि, अधोसंरचना और विज्ञान-प्रौद्योगिकी से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई. कैबिनेट मंत्री चैतन्य काश्यप ने बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि भोपाल मेट्रो परियोजना के लिए 3052 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है. किसानों को राहत देते हुए कपास पर मंडी शुल्क 1 प्रतिशत से घटाकर 0.5 प्रतिशत किया गया है, जबकि अन्य मंडी शुल्कों में संशोधन से सरकार को 800 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है. इसके साथ ही प्राकृतिक खेती, उर्वरक आपूर्ति, ट्रांसफर नीति और सोलर ऊर्जा विस्तार को लेकर भी अहम निर्णय लिए गए.

भोपाल मेट्रो को मिली बड़ी वित्तीय मंजूरी

कैबिनेट बैठक में भोपाल मेट्रो परियोजना के लिए 3052 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई. भोपाल मेट्रो परियोजना की शुरुआत वर्ष 2016 में हुई थी. उस समय इसकी अनुमानित लागत 6941 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर लगभग 10 हजार 33 करोड़ रुपये हो गई है. सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों में करीब 30 किलोमीटर मेट्रो ट्रैक का निर्माण पूरा कर सेवा शुरू करना है.

विज्ञान और प्रौद्योगिकी योजनाओं को भी मंजूरी

राज्य सरकार ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं के संचालन के लिए 235 करोड़ रुपये की निरंतरता को मंजूरी दी है. इन योजनाओं का उद्देश्य तकनीकी विकास, अनुसंधान को बढ़ावा और नवाचार आधारित गतिविधियों को मजबूत करना बताया गया है.

किसानों को कपास मंडी शुल्क में राहत

किसानों को राहत देते हुए सरकार ने कपास पर मंडी शुल्क 1 प्रतिशत से घटाकर 0.5 प्रतिशत कर दिया है. सरकार का मानना है कि इससे कपास उत्पादक किसानों का आर्थिक बोझ कम होगा और उन्हें बेहतर लाभ मिल सकेगा. कैबिनेट में एक अन्य फैसले के तहत कुछ मंडी शुल्कों को 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत किया गया है. सरकार का अनुमान है कि इससे करीब 800 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी. इस राशि का उपयोग मंडी अधोसंरचना विकास, कृषि कल्याण और कृषक हित योजनाओं में किया जाएगा.

उर्वरक आपूर्ति को लेकर सरकार सतर्क

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक में कहा कि प्रदेश में फिलहाल पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है. उन्होंने मंत्रियों को निर्देश दिए कि अगले कृषि सत्र से हर जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं. ये अधिकारी मंत्रियों और विधायकों के सीधे संपर्क में रहेंगे ताकि किसानों को खाद और पंजीयन से जुड़ी समस्याओं का समाधान समय पर मिल सके.

ट्रांसफर नीति पर भी निर्देश

कैबिनेट बैठक में मंत्रियों से आग्रह किया गया कि स्थानांतरण नीति से जुड़े सभी कार्य 15 जून तक पूरे कर लिए जाएं. सरकार प्रशासनिक प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करना चाहती है.

प्राकृतिक खेती पर होगा विशेष अभियान

इंदौर में होने वाले ब्रिक्स देशों के कृषि सम्मेलन के दौरान प्राकृतिक खेती को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इसके अलावा प्रदेश के सभी जिलों में भी प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए अभियान चलाया जाएगा.

पीएम मोदी के 12 वर्ष पूरे होने पर कार्यक्रम

बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी गई. मध्यप्रदेश में भी इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.

सोलर ऊर्जा को लेकर जनआंदोलन की तैयारी

राज्य सरकार ने नवकरणीय ऊर्जा को लेकर बड़े अभियान की घोषणा की है. सरकार का लक्ष्य सोलर रूफटॉप योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाना है. बताया गया कि पीएम सूर्य घर योजना के तहत प्रदेश में अब तक लगभग 2 लाख घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं.

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