मध्यप्रदेश में संगठित GST चोरी का बड़ा खुलासा; उमंग सिंघार ने फर्जी E‑Way Bill समेत उठाए गंभीर सवाल

मध्यप्रदेश में संगठित GST चोरी को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बड़ा आरोप लगाया, केंद्रीय वित्त मंत्री को पत्र लिखकर जांच की मांग.

Mar 16, 2026 - 20:44
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मध्यप्रदेश में संगठित GST चोरी का बड़ा खुलासा; उमंग सिंघार ने फर्जी E‑Way Bill समेत उठाए गंभीर सवाल

कांग्रेस नेता और मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार (Umang Singhar) ने राज्य में बड़े पैमाने पर संगठित GST चोरी (GST Chori) का आरोप लगाते हुए इसे गंभीर आर्थिक अपराध बताया है. उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों और प्रमुख औद्योगिक जिलों से मिले इनपुट्स के अनुसार गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के कई राज्यों से आयरन सामग्री, निर्माण सामग्री, मसाले और अन्य व्यापारिक वस्तुएँ ट्रकों के माध्यम से मध्यप्रदेश लाई जा रही हैं. यह पूरा व्यापार बिना वैध कर भुगतान के खुलेआम किया जा रहा है. सिंघार के मुताबिक फर्जी ई-वे बिल, अंडर-इनवॉइसिंग और संगठित ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के जरिए यह नेटवर्क संचालित हो रहा है, जिससे केंद्र और राज्य सरकार को हर साल हजारों करोड़ रुपये के GST राजस्व का नुकसान हो रहा है.

केंद्रीय वित्त मंत्री को पत्र, जांच की मांग

उमंग सिंघार ने बताया कि उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर केंद्रीय स्तर पर व्यापक, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की है. साथ ही पूरे नेटवर्क और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त व उदाहरणात्मक कार्रवाई की मांग भी की गई है.

फर्जी ई-वे बिल और अंडर-इनवॉइसिंग से चल रहा नेटवर्क

उमंग सिंघार ने कहा कि GST चोरी का यह पूरा खेल योजनाबद्ध तरीके से संचालित किया जा रहा है. बड़े पैमाने पर माल का परिवहन फर्जी अथवा हेरफेर किए गए E‑Way Bill के जरिए किया जा रहा है. कई मामलों में माल की वास्तविक मात्रा और कीमत कम दर्शाकर अंडर‑इनवॉइसिंग की जाती है, जिससे देय GST का भुगतान कम हो सके.

बिचौलियों और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क की अहम भूमिका

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि इस पूरे नेटवर्क में संगठित तरीके से काम करने वाले बिचौलिए और ट्रांसपोर्ट चैनल सक्रिय हैं. यही नेटवर्क बिना टैक्स भुगतान के माल को विभिन्न राज्यों से मध्यप्रदेश तक पहुंचाने की व्यवस्था करता है और फिर प्रदेशभर में उसकी खपत कराई जाती है.

हजारों करोड़ के राजस्व नुकसान की आशंका

सिंघार के अनुसार इस तरह की गतिविधियों के कारण भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार, दोनों को GST राजस्व में प्रतिवर्ष हजारों करोड़ रुपये की संभावित हानि हो रही है. उन्होंने इसे केवल टैक्स चोरी नहीं, बल्कि एक सुनियोजित आर्थिक अपराध करार दिया.

जब प्रमाण हैं, तो कार्रवाई क्यों नहीं?

नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया कि जब पुख्ता संकेत और प्रमाण मौजूद हैं, तो अब तक प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई. उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि आखिर किसके संरक्षण में यह संगठित GST चोरी का नेटवर्क फल-फूल रहा है.

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