लाडली बहनों के खाते में इस तारीख को आएगी 36वीं किस्त, सीएम मोहन नरसिंहपुर से करेंगे ₹ 1,835.65 करोड़ ट्रांसफर

जून 2023 में शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी योजना ने अब तक सफलतापूर्वक अपना सफर तय किया है. अप्रैल 2026 तक बहनों के खातों में 35 किस्तें जमा की जा चुकी हैं. आंकड़ों पर नजर डालें, तो जून 2023 से अप्रैल 2026 तक राज्य सरकार ने कुल 55,926.51 करोड़ रुपये सीधे महिलाओं के खातों में पहुंचाए जा चुके हैं.

May 11, 2026 - 17:48
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लाडली बहनों के खाते में इस तारीख को आएगी 36वीं किस्त, सीएम मोहन नरसिंहपुर से करेंगे ₹ 1,835.65 करोड़ ट्रांसफर

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्वावलंबन के सफर में 13 मई का दिन बेहद खास होने जा रहा है. दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव से प्रदेश की 1.25 करोड़ बहनों के खातों में 'लाडली बहन योजना की अगली किस्त जारी करेंगे.

मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के अंतर्गत प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 22 हजार 542 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1,835 करोड़ 67 लाख रुपये से अधिक की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से ट्रांसफर की जाएगी. यह योजना की 36वीं मासिक किश्त होगी, जो सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए बहनों तक पहुंचेगी. जून 2023 में शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी योजना ने अब तक सफलतापूर्वक अपना सफर तय किया है. अप्रैल 2026 तक बहनों के खातों में 35 किस्तें जमा की जा चुकी हैं. आंकड़ों पर नजर डालें, तो जून 2023 से अप्रैल 2026 तक राज्य सरकार ने कुल 55,926.51 करोड़ रुपये सीधे महिलाओं के खातों में पहुंचाए जा चुके हैं.

लगातार वृद्धि से बढ़ी बहनों की आर्थिक शक्ति

योजना की शुरुआत 1,000 रुपये प्रतिमाह से हुई थी, जिसे बढ़ाया कर 1,500 किया जा चुका है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे आगे और भी बढ़ाकर 3000 रुपये करने का बहनों को आश्वासन दिया. अक्टूबर 2023 में ये राशि बढ़ाकर 1,250 रुपये कर दी गई थी. इसके बाद नवंबर 2025 में राशि फिर से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रतिमाह कर दिया था. इसके साथ ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ लेने वाली महिलाओं को भी अतिरिक्त सहायता प्रदान कर उनके सम्मानजनक जीवन स्तर को सुनिश्चित किया जा रहा है. सरकार ने इस योजना के लिए हर साल बजट में बढ़ोतरी कर रही है. वित्तीय वर्ष 202627 के लिए 23,882.81 करोड़ रुपये का भारी भरकम बजट का प्रावधान किया गया था.

चाहे वह ग्रामीण क्षेत्र हो या शहरी, यह योजना हर वर्ग की महिलाओं (आदिवासी, कल्याणी, तलाकशुदा और परित्यक्त) तक समान रूप से पहुंच रही है. आधार लिंक्ड बैंक खातों के माध्यम से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी हुई है, जिससे भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं रहती और पूरा लाभ सीधे हितग्राही को मिलता है.

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