सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, अब सभी सोमवार और शुक्रवार को होगी सिर्फ वर्चुअल सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में अभी तक हाइब्रिड सुनवाई की व्यवस्था थी. यानी व्यक्तिगत तौर पर पेशी और वर्चुअल दोनों तरीके से कोर्ट कार्यवाही हो रही थी.

May 15, 2026 - 17:29
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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, अब सभी सोमवार और शुक्रवार को होगी सिर्फ वर्चुअल सुनवाई

नई दिल्ली: होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से पेट्रोल-डीजल और गैस को लेकर उपजे संकट के बीच सुप्रीम कोर्ट ने भी सुनवाई को लेकर बड़ा फैसला लिया है. सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री सूत्रों के मुताबिक अदालत ने अब सोमवार और शुक्रवार को सिर्फ वर्चुअल सुनवाई का आदेश जारी किया है. हालातों को देखते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने ये फैसला लिया है.

सुप्रीम कोर्ट में अभी तक हाइब्रिड सुनवाई की व्यवस्था थी. यानी व्यक्तिगत तौर पर पेशी और वर्चुअल दोनों तरीके से कोर्ट कार्यवाही हो रही थी.

पेट्रोलियम संकट पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम -

'मिसलेनियस डेज' यानी सोमवार, शुक्रवार या अन्य निर्धारित दिन में केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी सुनवाई

आंशिक कार्य दिवसों में भी सिर्फ वर्चुअल सुनवाई 

कार पूलिंग करने के लिए सहमत हुए सुप्रीम कोर्ट के जज

सुप्रीम कोर्ट ने इसको लेकर सर्कुलर जारी किया है. सेकेट्री जनरल भरत पाराशर की ओर से कहा गया है कि भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा 12 मई 2026 को जारी एक कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, तुरंत प्रभाव से कई प्रशासनिक और कार्य संचालन संबंधी नए उपाय लागू किए गए हैं. अब सुप्रीम कोर्ट में “मिसलेनियस डेज़” (जैसे सोमवार, शुक्रवार या अन्य निर्धारित दिन) तथा आंशिक कार्य दिवसों पर सूचीबद्ध मामलों की सुनवाई केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी. 

रजिस्ट्री को निर्देश दिया गया है कि वीडियो लिंक समय पर भेजे जाएं और तकनीकी व्यवस्था सुचारू रखी जाए ताकि न्यायालय के कामकाज में कोई बाधा न आए. ईंधन के बेहतर उपयोग के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट के माननीय जजों ने आपसी सहमति से कार-पूलिंग को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया हैं 

रजिस्ट्री के प्रत्येक शाखा/सेक्शन में अधिकतम 50% कर्मचारी सप्ताह में दो दिन तक घर से काम कर सकते हैं. हालांकि बाकी स्टाफ की कार्यालय में उपस्थिति आवश्यक होगी, ताकि कामकाज निर्बाध रूप से चलता रहे. संबंधित रजिस्ट्रार को साप्ताहिक रोस्टर तैयार करने, कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कार्य समय पर पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं. आवश्यकता पड़ने पर कर्मचारियों को तुरंत कार्यालय बुलाया भी जा सकता है.

यदि किसी शाखा में वर्क फ्रॉम होम प्रभावी नहीं पाया जाता है, तो रजिस्ट्रार इसे सीमित या संशोधित कर सकते हैं. यह व्यवस्था प्रशासनिक कार्यों में दक्षता बढ़ाने और संसाधनों के बेहतर उपयोग के उद्देश्य से लागू की गई है.

प्रधानमंत्री मोदी ने की थी देशवासियों से अपील

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते रविवार को नागरिकों से ईंधन बचाने, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने, वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था को फिर से शुरू करने, गैर-जरूरी वस्तुओं की खरीदारी और विदेश यात्राओं से बचने की अपील की थी. उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध से उत्पन्न वैश्विक संकट से निपटने के लिए विदेशी मुद्रा को बचाने पर जोर दिया था. पीएम ने वैश्विक आर्थिक व्यवधानों, आपूर्ति श्रृंखला चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के कारण बढ़ती कीमतों का सामना करने में भारत की मदद के लिए सामूहिक भागीदारी का आह्वान किया था.

उन्होंने देश को इन चुनौतियों से उबरने में मदद करने के लिए नागरिकों को कई उपाय सुझाते हुए इस बात पर जोर दिया कि देशभक्ति केवल देश के लिए प्राणों का बलिदान देना ही नहीं है, बल्कि कठिन समय में जिम्मेदारी से जीना और देश के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करना भी है.

पीएम ने कहा कि वर्तमान स्थिति में, देश को विदेशी मुद्रा की बचत पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए. पेट्रोल-डीजल पूरी दुनिया में बेहद महंगे हो गए हैं, इसलिए ईंधन बचाना और इस तरह पेट्रोल और डीजल खरीदने पर खर्च होने वाली विदेशी मुद्रा को बचाना हमारी जिम्मेदारी है.

उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे जहां भी उपलब्ध हो, मेट्रो रेल और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करके पेट्रोल और डीजल की खपत कम करें, निजी वाहनों की आवश्यकता होने पर कार-पूलिंग का विकल्प चुनें, माल ढुलाई के लिए रेल परिवहन को प्राथमिकता दें और जहां भी संभव हो, इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ाएं.

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना काल में हमने घर से काम करना, ऑनलाइन बैठकें, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी व्यवस्थाएं अपनाईं और कई ऐसी प्रणालियां विकसित कीं. हम इनके अभ्यस्त भी हो गए थे. आज समय की मांग है कि हम इन प्रथाओं को फिर से शुरू करें. यह राष्ट्रीय हित में होगा और हमें इन्हें एक बार फिर प्राथमिकता देनी चाहिए.

मोदी ने नागरिकों से अपील की कि वे अनावश्यक विदेश यात्रा, विदेश में छुट्टियां मनाने और विदेशी शादियों से बचकर और घरेलू पर्यटन और भारत के भीतर समारोह आयोजित करके विदेशी मुद्रा भंडार को संरक्षित करने में मदद करें. उन्होंने लोगों को विदेशी मुद्रा की निकासी पर दबाव कम करने के लिए एक वर्ष तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने की सलाह भी दी.

उन्होंने नागरिकों को मेड-इन-इंडिया और स्थानीय स्तर पर निर्मित उत्पादों को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित किया, जिनमें जूते, बैग और सहायक उपकरण जैसी दैनिक उपयोग की वस्तुएं शामिल हैं. उन्होंने परिवारों से खाद्य तेल की खपत कम करने का आग्रह किया और इस बात पर जोर दिया कि इससे राष्ट्रीय आर्थिक स्वास्थ्य और व्यक्तिगत स्वास्थ्य दोनों को लाभ होगा.

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