छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की तैयारी: साय कैबिनेट का बड़ा फैसला, ड्राफ्ट के लिए बनेगी कमेटी,

छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ड्राफ्ट तैयार करने के लिए कमेटी बनाने का फैसला लिया गया है.

Apr 15, 2026 - 18:06
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छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की तैयारी: साय कैबिनेट का बड़ा फैसला, ड्राफ्ट के लिए बनेगी कमेटी,

 छत्तीसगढ़ में अब यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC-समान नागरिक संहिता) लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. बुधवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस संबंध में अहम निर्णय लिया गया. सरकार ने UCC का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए रिटायर्ड जज रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में समिति के गठन को मंजूरी दी है.

कैबिनेट बैठक में लिया गया अहम फैसला

राजधानी रायपुर के महानदी भवन स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष (एम-5/20) में आयोजित बैठक में विभिन्न विभागों के प्रस्तावों और योजनाओं की समीक्षा की गई. इसी दौरान राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने के विषय पर भी विस्तार से चर्चा हुई. अंततः यह तय किया गया कि एक कमेटी बनाई जाएगी, जो UCC का मसौदा तैयार करेगी. 

क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC)?

यूनिफॉर्म सिविल कोड का अर्थ है कि देश के सभी नागरिकों के लिए शादी, तलाक, गोद लेना और संपत्ति के अधिकार जैसे निजी मामलों में एक समान कानून लागू हो. वर्तमान में भारत में ये सभी मामले अलग-अलग धर्मों के पर्सनल लॉ के आधार पर संचालित होते हैं. UCC लागू होने के बाद सभी धर्मों के लिए एक ही कानून प्रभावी होगा.

किन कानूनों पर पड़ेगा असर?

अगर छत्तीसगढ़ में UCC लागू होता है, तो हिंदू विवाह अधिनियम, मुस्लिम पर्सनल लॉ और क्रिश्चियन मैरिज एक्ट जैसे धर्म-आधारित कानूनों की जगह एक समान कानून लागू होगा. इससे महिलाओं को संपत्ति और उत्तराधिकार के मामलों में पुरुषों के बराबर अधिकार सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.

किन राज्यों में पहले से लागू है UCC?

वर्तमान में भारत में गोवा, उत्तराखंड और गुजरात जैसे राज्यों में UCC लागू किया जा चुका है. अब छत्तीसगढ़ भी इस दिशा में आगे बढ़ रहा है. विशेषज्ञ समिति के गठन के बाद UCC का विस्तृत ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा. इसके बाद इसे कैबिनेट और विधानसभा में पेश किया जा सकता है. कानून बनने के बाद ही इसे राज्य में लागू किया जाएगा.  

व‍िष्‍णु देव साय कैबिनेट के अहम फैसले 

महिलाओं के नाम पर जमीन रजिस्ट्री कराने पर स्टाम्प शुल्क में 50% की छूट.

सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों और उनकी विधवाओं को 25 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प ड्यूटी में 25% छूट.

औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम 2015 में संशोधन, उद्योगों के लिए लोन और निवेश के नए रास्ते खुलेंगे.

रेत खदानों को सरकारी उपक्रमों के लिए आरक्षित करने का निर्णय, आपूर्ति संकट कम करने की कोशिश.

गौण खनिज नियम 2015 में संशोधन, अवैध खनन पर 25 हजार से 5 लाख रुपये तक जुर्माना.

दुधारू पशु प्रदाय योजना अब सभी सामाजिक वर्गों के लिए लागू.

पशुओं के टीकाकरण के लिए Indian Immunologicals Limited से सीधे वैक्सीन खरीदने की अनुमति.

मध्य प्रदेश से 10,536 करोड़ रुपये की पेंशन राशि वापसी पर सहमति, 6 किश्तों में भुगतान होगा.

खरीफ सीजन के लिए उर्वरक और LPG गैस की उपलब्धता की समीक्षा.  

यूसीसी पर कांग्रेस का बयान

कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में UCC कमेटी गठन के फैसले पर सवाल उठाए हैं. पीसीसी मीडिया चेयरमैन सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि विष्णुदेव साय सरकार UCC लागू कर राज्य के आदिवासियों के अधिकारों में दखल देने की कोशिश कर रही है. उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में पहले से PESA कानून और पांचवीं अनुसूची लागू है, ऐसे में UCC लागू करने का कोई औचित्य नहीं है. उद्योगपति मित्र हटा देंगे.

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