पल्स पोलियो अभियान: 28 जून से MP के लाखों बच्चों को पिलाई जाएगी दवा, ट्रेनों व रेलवे स्टेशनों पर भी व्यवस्था
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत 28 जून को भोपाल में 3.32 लाख बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी. रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, एयरपोर्ट और ट्रेनों में भी विशेष टीमें तैनात रहेंगी.
पोलियो जैसी गंभीर बीमारी को पूरी तरह खत्म करने के लिए रविवार 28 जून को राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान (Puls Polio Abhiyaan) चलाया जाएगा. अभियान के तहत भोपाल जिले में पांच वर्ष तक की आयु के लगभग 3 लाख 32 हजार बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने आंगनवाड़ी केंद्रों, सरकारी और निजी अस्पतालों के अलावा रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, एयरपोर्ट, बाजार और शॉपिंग मॉल जैसे सार्वजनिक स्थानों पर भी विशेष बूथ स्थापित किए हैं. वहीं पश्चिम मध्य रेलवे ने भी स्टेशनों और ट्रेनों में विशेष टीकाकरण व्यवस्था की है, ताकि यात्रा के दौरान भी कोई बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे. स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से बच्चों को बूथ तक लाकर दवा पिलाने की अपील की है.
भोपाल में बनाए गए 2710 पोलियो बूथ
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के सफल संचालन के लिए भोपाल जिले में 2710 बूथ स्थापित किए गए हैं. इन बूथों पर जन्म से लेकर पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी. स्वास्थ्य विभाग ने आंगनवाड़ी केंद्रों, सरकारी अस्पतालों और निजी अस्पतालों में विशेष व्यवस्थाएं की हैं ताकि अधिक से अधिक बच्चों तक पहुंच बनाई जा सके.
मॉल, बाजार और सार्वजनिक स्थलों पर भी टीमें तैनात
अभियान के दौरान केवल स्वास्थ्य संस्थानों तक ही व्यवस्था सीमित नहीं रहेगी. शहर के प्रमुख बाजारों, शॉपिंग मॉल और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी स्वास्थ्य कर्मियों की टीमें तैनात की जाएंगी. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच पाने वाले बच्चों को भी पोलियो की खुराक मिल सके.
बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर ट्रांजिट बूथ
स्वास्थ्य विभाग ने जिले से बाहर जाने वाले और बाहर से आने वाले बच्चों को ध्यान में रखते हुए ट्रांजिट बूथ भी बनाए हैं. एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और प्रमुख बस स्टैंड पर तैनात टीमें यात्रा कर रहे बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगी ताकि कोई भी बच्चा अभियान से छूट न जाए.
हाई रिस्क क्षेत्रों पर विशेष फोकस
अभियान के तहत ईंट भट्टों, क्रेशर क्षेत्रों, निर्माण स्थलों और घुमक्कड़ आबादी वाले इलाकों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया है. इन इलाकों में मोबाइल टीमें भेजी जाएंगी, जो घर-घर और कार्यस्थलों पर जाकर बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाएंगी
पड़ोसी देशों में अभी भी मिल रहे पोलियो के मामले
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि भारत से पोलियो उन्मूलन के बावजूद कुछ पड़ोसी देशों में अभी भी पोलियो के मामले सामने आ रहे हैं. ऐसे में पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को नियमित रूप से पोलियो की खुराक देना बेहद जरूरी है. इसी वजह से अभिभावकों से अभियान के पहले दिन ही बच्चों को बूथ पर लाने की अपील की गई है.
रेलवे ने भी किए विशेष इंतजाम
पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल ने भी पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं. डीआरएम पंकज त्यागी और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय डोगरा के निर्देश पर भोपाल रेल मंडल में कुल 22 पोलियो टीकाकरण बूथ स्थापित किए गए हैं..
इन स्टेशनों पर मिलेंगी पोलियो की खुराक
रेलवे द्वारा भोपाल, इटारसी, बीना, गुना, गंजबासौदा सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर विशेष पोलियो बूथ संचालित किए जाएंगे. इन बूथों पर यात्रा कर रहे परिवारों के पांच वर्ष तक के बच्चों को निशुल्क पोलियो दवा पिलाई जाएगी.
चलती ट्रेनों में भी पहुंचेंगी मोबाइल टीमें
रेलवे ने इस बार मोबाइल टीमें भी गठित की हैं जो प्रमुख ट्रेनों में यात्रा करेंगी. इन टीमों को झेलम एक्सप्रेस, पंजाब मेल, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, राजकोट एक्सप्रेस, कर्नाटक एक्सप्रेस, कामायनी एक्सप्रेस और मालवा एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में तैनात किया जाएगा. टीमें यात्रा के दौरान बच्चों को पोलियो की खुराक उपलब्ध कराएंगी.
रेलवे कॉलोनियों में भी होगी विशेष व्यवस्था
रेल कर्मचारियों और उनके परिवारों के बच्चों के लिए रेलवे कॉलोनियों में भी टीकाकरण की व्यवस्था की गई है. इसके अलावा पैसेंजर ट्रेनों के माध्यम से विभिन्न छोटे स्टेशनों पर रुक-रुककर भी बच्चों को पोलियो रोधी दवा दी जाएगी.
'दो बूंद जिंदगी की' के लिए अपील
स्वास्थ्य विभाग और रेलवे प्रशासन ने संयुक्त रूप से अभिभावकों से अपील की है कि वे पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य दिलाएं. अधिकारियों का कहना है कि पोलियो मुक्त भारत की उपलब्धि को बनाए रखने के लिए हर बच्चे तक दवा पहुंचना जरूरी है.
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