MP में UCC विधेयक मानसून सत्र में होगा पेश; सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान, जनजातीय समुदाय रहेगा अलग

मध्यप्रदेश सरकार UCC के जरिए बड़ा सामाजिक और कानूनी बदलाव लाने की तैयारी में है. CM मोहन यादव ने कहा कि MP में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक मानसून सत्र में पेश होगा. जनजातीय समुदाय अलग रहेगा, कमेटी राय ले रही है.

Jun 17, 2026 - 15:36
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MP में UCC विधेयक मानसून सत्र में होगा पेश; सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान, जनजातीय समुदाय रहेगा अलग

मध्यप्रदेश में आगामी विधानसभा मानसून सत्र के दौरान समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक प्रस्तुत किया जाएगा. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि सरकार कई महत्वपूर्ण और समसामयिक विषयों के साथ सत्र में उतर रही है. उन्होंने भरोसा जताया कि बाबा महाकाल की कृपा से UCC विधेयक इसी सत्र में पारित होगा. मुख्यमंत्री ने इसे ‘एक देश, एक कानून' की राष्ट्रीय भावना से जोड़ा और कहा कि प्रदेश तेजी से इस दिशा में कदम बढ़ा रहा है. इसके साथ ही उन्होंने नीट परीक्षा की तैयारी और परीक्षार्थियों को सुविधा देने के निर्देश भी दिए हैं.

विधानसभा सत्र में UCC विधेयक होगा पेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि सरकार समान नागरिक संहिता को लेकर गंभीर है और इसे मानसून सत्र में पेश किया जाएगा. उन्होंने कहा कि देश में एक समान कानून लागू करने की भावना में कुछ भी गलत नहीं है और यह समाज में समानता लाने का प्रयास है.

पहले ही तीन राज्यों में लागू

सीएम ने बताया कि उत्तराखंड, गुजरात और असम जैसे राज्यों में UCC लागू किया जा चुका है. मध्यप्रदेश भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और जल्द ही इस कानून को लागू करने वाला राज्य बन सकता है.

उच्चस्तरीय समिति कर रही अध्ययन

UCC को लागू करने के लिए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित की है. यह समिति प्रदेशभर में जाकर अलग-अलग वर्गों की राय ले रही है, ताकि कानून को व्यापक सहमति के साथ लागू किया जा सके.

जनजातीय समुदाय रहेगा अलग

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनजातीय समुदायों को UCC से अलग रखा जाएगा. उनके पारंपरिक रीति-रिवाज और संस्कृति को पूर्ण स्वतंत्रता दी जाएगी, जैसा कि कुछ अन्य राज्यों में भी प्रावधान किया गया है.

जन सुझाव के लिए वेबसाइट लॉन्च

सरकार ने नागरिकों से सुझाव लेने के लिए एक विशेष वेबसाइट भी शुरू की है. इसके जरिए आम लोग अपने विचार और सुझाव दे सकते हैं, जिससे नीति निर्माण में जनभागीदारी बढ़ेगी.

एक देश, एक कानून' पर जोर

सीएम ने कहा कि अलग-अलग धर्मों में विवाह और पारिवारिक कानूनों के अलग नियमों की अब आवश्यकता नहीं है. समान नागरिक संहिता से समाज में एकरूपता और न्याय का भाव मजबूत होगा.

नीट परीक्षा को लेकर निर्देश

मुख्यमंत्री ने नीट परीक्षा को लेकर भी प्रशासन को निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में किसी भी परीक्षार्थी को परेशानी नहीं होनी चाहिए और यातायात व्यवस्था सुचारू रखी जाए.

योग दिवस और परीक्षा में संतुलन बनाएंगे अधिकारी

योग दिवस और नीट परीक्षा एक ही दिन होने के कारण सीएम ने प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं. जरूरत पड़ने पर परीक्षार्थियों को वाहन सुविधा उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है.

प्रदेशभर में 283 परीक्षा केंद्र

नीट परीक्षा प्रदेश के 30 जिलों के 283 केंद्रों पर आयोजित होगी. परीक्षा की अवधि 3 घंटे 20 मिनट होगी और परीक्षार्थियों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा.

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