भोपाल का लग्जरी वृद्धाश्रम ‘संध्या छाया’ खाली, किराया घटाकर ₹30,000; अब बुजुर्गों के आने की उम्मीद

भोपाल का ‘संध्या छाया’ लग्जरी वृद्धाश्रम 6 महीने बाद भी खाली. ₹50 हजार किराया घटाकर ₹30 हजार किया गया, अब बुजुर्गों के आने की उम्मीद. जानिए यहां कैसी सुविधाएं हैं.

Jun 17, 2026 - 15:42
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भोपाल का लग्जरी वृद्धाश्रम ‘संध्या छाया’ खाली, किराया घटाकर ₹30,000; अब बुजुर्गों के आने की उम्मीद

भोपाल में बड़े अरमानों के साथ शुरू हुआ लग्जरी वृद्धाश्रम ‘संध्या छाया' उद्घाटन के छह महीने बाद भी खाली पड़ा है. 24 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसका उद्घाटन किया था, लेकिन अब तक एक भी बुजुर्ग यहां स्थायी रूप से रहने नहीं आया. इसका मुख्य कारण इसका महंगा किराया बताया जा रहा है, जिसे अब कम करके 50 हजार से घटाकर 30 हजार रुपये प्रति माह कर दिया गया है. अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस वृद्धाश्रम से अब प्रबंधन को उम्मीद है कि बुजुर्ग और उनके परिवार इस ओर आकर्षित होंगे.

बड़ी उम्मीदों के साथ हुई थी शुरुआत

भोपाल के लिंक रोड नंबर-3 स्थित ‘संध्या छाया' वृद्धाश्रम को सेवा भारती द्वारा संचालित किया जा रहा है. इसका उद्घाटन वर्ष 2025 में हुआ था और इसे प्रदेश का पहला लग्जरी ओल्ड एज होम बताया गया. प्रबंधन की योजना थी कि यहां से मॉडल बनाकर प्रदेश के अन्य शहरों में भी ऐसे आश्रम खोले जाएं.

महंगा किराया बना बड़ी बाधा

वृद्धाश्रम के खाली रहने की सबसे बड़ी वजह इसका किराया सामने आया है. शुरुआत में यहां रहने के लिए 50 हजार रुपये प्रति माह शुल्क तय किया गया था, जो अधिकांश परिवारों के लिए ज्यादा था. सेवा भारती के संचालक राजेश शुक्ला के अनुसार इसी कारण कोई बुजुर्ग यहां रहने नहीं आया.

अब किराया घटाकर 30 हजार किया गया

राजेश शुक्ला, सेवा भारती संचालक ने NDTV से कहा कि संध्या छाया को सेवा भारती संचालित कर रही है. सेवा भारती की तरफ से राजेश शुक्ला इसकी देखरेख कर रहे है. उनकी माने तो इस लग्जरी वृद्धाआश्रम का किराया ज्यादा था शायद यही वजह थी कि इसके उद्घाटन के 06 महीने बाद भी इसमें रहने कोई बुजुर्ग नही आये, जिसके बाद यह फैसला लिया गया कि इस लग्जरी आश्रम का किराया कम किया जाएगा. अब प्रबंधन के फैसले के बाद किराया घटाकर 50 हजार से 30 हजार कर दिया गया है.

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है आश्रम

करीब 5 एकड़ क्षेत्र में बने इस वृद्धाश्रम में कुल 34 कमरे हैं, जिनमें 56 बुजुर्गों के रहने की व्यवस्था है. यहां 12 सिंगल, 22 डबल और 10 सुइट रूम उपलब्ध हैं. सभी कमरों में एसी, टीवी, फ्रिज, गर्म-ठंडा पानी, कॉल बेल, इंटरकॉम और निजी बालकनी जैसी सुविधाएं दी गई हैं.

स्वास्थ्य और मनोरंजन की पूरी व्यवस्था

संध्या छाया में फिजियोथैरेपी सेंटर, डॉक्टर परामर्श, इमरजेंसी चिकित्सा सुविधा, लाइब्रेरी, मनोरंजन कक्ष और ओपन मेस जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं. वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए विशेष वॉकिंग पाथ भी तैयार किया गया है

संपर्क तो हुए, लेकिन बात नहीं बनी

प्रबंधन के मुताबिक कई बुजुर्गों और उनके विदेश में रहने वाले परिजनों ने यहां रहने के लिए संपर्क किया था, लेकिन किराया सुनकर अधिकांश पीछे हट गए. इस वजह से छह महीने बाद भी आश्रम खाली ही रहा.

अब नई उम्मीदें

किराया घटाने के बाद प्रबंधन को उम्मीद है कि अब बुजुर्गों के लिए यह आश्रम विकल्प बन पाएगा. यदि यह मॉडल सफल होता है, तो प्रदेश के अन्य शहरों में भी इसी तरह के आधुनिक वृद्धाश्रम विकसित किए जा सकते हैं.

बुजुर्गों को सहारे की जरूरत

यह पहल समाज के उस वर्ग के लिए महत्वपूर्ण है, जो जीवन के अंतिम पड़ाव में देखभाल और सम्मान चाहता है. विशेषकर उन बुजुर्गों के लिए जिनके बच्चे दूर या विदेश में रहते हैं.

साभार