क्या है ज्योतिरादित्य सिंधिया के परिवार से जुड़ा 40 हजार करोड़ का संपत्ति विवाद? कौन-कौन मांग रहा हिस्सा
सिंधिया राज परिवार में चल रहा 40 हजार करोड़ का संपत्ति विवाद अब अहम मोड़ पर पहुंच गया है, जहां ग्वालियर कोर्ट में सभी पक्षों की सुनवाई पूरी हो चुकी है. अब ग्वालियर कोर्ट 14 अक्टूबर को अपना फैसला सुनाएगा. इससे लंबे कानूनी विवाद के सुलझने की उम्मीदें बढ़ गई हैं और उस पर सभी निगाहें टिकी हुई हैं. आइए जानते हैं कि यह 40 हजार करोड़ का संपत्ति विवाद क्या है और इसमें कौन-कौन दावेदार है.
सिंधिया राजवंश अपने वैभवशाली इतिहास और मराठाओं के साथ अपने संबंध की वजह से प्रसिद्ध रहा है. आज भी ग्वालियर का जय विलास पैलेस इस बात की गवाही देता है. बाद में जब राजा-महाराजाओं का दौर खत्म हो गया. तब उनके परिवार के काफी लोग राजनीति में आए और मुख्यमंत्री भी बने. लेकिन अभी सिंधिया राज परिवार 40 हजार के करोड़ के संपत्ति विवाद में फंसा हुआ है, जहां मामला कोर्ट में है और उस पर सुनवाई पूरी हो चुकी है.
अब कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुन लिया है. अब कोर्ट को यह तय करना है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी बुआओं के बीच क्या फैसला होना है. दोनों पक्षों की गवाही, आपत्तियां और सबूत दर्ज कर लिए गए हैं. अब मामले की अगली सुनवाई 14 अक्तूबर को होगी.
इस मामले में मुख्य रूप से कौन-कौन हैं अहम दावेदार?
ज्योतिरादित्य सिंधिया- जो माधवराव सिंधिया के बेटे हैं और अभी गुना से सांसद हैं. वह केंद्र में मंत्री भी हैं और उनकी ग्वालियर-चंबल संभाग में मजबूत पकड़ है. वह साल 2020 में कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए थे और तब उनके साथ कई कांग्रेसी विधायक भी बीजेपी में गए थे. इसके बाद कांग्रेस की मध्य प्रदेश में सरकार गिर गई थी.
वसुंधरा राजे-वह 10 साल राजस्थान की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं और अभी राजस्थान के झालरपटन से विधायक हैं.
यशोधरा राजे-वह बीजेपी की कद्दावर नेताओं में शामिल हैं. वह शिवराज सिंह चौहान की सरकार में कई बार मंत्री रह चुकी हैं.
उषा राजे-उनकी शादी नेपाल के प्रमुख राजघराने में हुई थी. उनके पति शमशेर जंग बहादुर राणा पूर्व मंत्री रहे हैं.
पद्मावती राजे-ज्योतिरादित्य की सबसे बड़ी बुआ हैं. उनकी मौत हो चुकी हैं, लेकिन उनकी बेटी प्रतिमा देवी अभी संपत्ति विवाद में पक्षकार हैं.
प्रतिमा देवी की अचानक एंट्री से फंसा था पेंच
एक समय यह मामला सुलझने वाला ही था. तब ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी बुआ वसुंधरा राजे, यशोधरा राजे और उषा राजे के संपत्ति बांटने को लेकर फॉर्मूला बनाया गया था, जिसे कोर्ट में भेजा गया था. फिर अचानक इसमें ज्योतिरादित्य की बड़ी बुआ पद्मावती राजे की बेटी प्रतिमा देवी की एंट्री हो गई. उन्होंने भी संपत्ति में अपनी मां का अधिकार मांगा. इसके बाद उन्होंने कोर्ट में आवेदन दिया.
विजयाराजे सिंधिया और माधवराव के बीच हुआ था विवाद
1980 के दशक में राजमाता विजयाराजे सिंधिया और उनके बेटे माधवराव सिंधिया के बीच पारिवारिक और राजनैतिक मतभेद गहरे हो गए. तब राजमाता ने पैतृक संपत्तियों को बेटे के सीधे नियंत्रण से बचाने के लिए कई निजी और धर्मार्थ ट्रस्ट (जैसे सर जीवाजीराव सिंधिया ट्रस्ट, विजयाराजे सिंधिया ट्रस्ट, कमला राजे चैरिटेबल ट्रस्ट) बनाए.
खास बात ये रही है कि राजमाता ने अपनी बेटियों को इनमें ट्रस्टी बनाया, जिससे मालिकाना हक उनके हाथों में रहे. अब कानूनी पेंच यह है कि माधव राव के बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया इन ट्रस्टों को अवैध बताते हैं और ज्येष्ठाधिकार नियम के तहत पूरी संपत्ति पर दावा करते हैं. जबकि उनकी बुआओं की तरफ से बताया है कि बेटियों को भी अब संपत्ति में अधिकार है, तो उन्हें उनका हक मिलना चाहिए. अब मामला कोर्ट में है, तो यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि ऊंट किस करवट बैठता है.
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