इधर मोदी मंत्रीमंडल का गठन, उधर CM मोहन ब्यूरोक्रेसी में करेंगे उलटफेर, बदले जाएंगे कई अफसर

मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव के बाद मोहन सरकार नौकरशाही में बड़े फेरबदल की तैयारी में है. डीजीपी सुधीर सक्सेना का कार्यकाल पूरा हो चुका है, उन्हें बदला जा सकता है. मुख्य सचिव वीरा राणा के एक्सटेंशन खत्म होने से पहले उन्हें बदलने की चर्चा चल रही है. इसके अलावा राज्य चुनाव आयुक्त समेत कई टॉप पदों पर भी चर्चा चल रही है.

Jun 7, 2024 - 17:42
 0  18
इधर मोदी मंत्रीमंडल का गठन, उधर CM मोहन ब्यूरोक्रेसी में करेंगे उलटफेर, बदले जाएंगे कई अफसर

लोकसभा चुनाव के बाद आज भाजपा नेता नरेंद्र मोदी को एनडीए संसदीय दल का नेता चुन लिया गया है. वे प्रधानमंत्री पद की शपथ 9 जून को लेंगे. जिसके बाद आने वाले दिनों में उनके मंत्रिमंडल का गठन होगा. वहीं, दूसरी ओर मध्यप्रदेश की बात करें तो यहां मोहन सरकार आने वाले दिनों में नौकरशाही में बड़े फेरबदल की तैयारी कर रही है. मध्यप्रदेश में ब्यूरोक्रेसी में बड़ा फेरबदल हो सकता है. सीएम डॉ. मोहन यादव नौकरशाही में बड़े पैमाने पर फेरबदल करने जा रहे हैं. मार्च 2024 में दो साल पूरे करने वाले डीजीपी सुधीर सक्सेना को बदले जाने की उम्मीद है. वहीं, सितंबर में छह महीने का एक्सटेंशन खत्म होने से पहले मुख्य सचिव वीरा राणा को बदला जा सकता है. मुख्य सचिव बनने के प्रमुख दावेदारों में मोहम्मद सुलेमान, डॉ. राजेश राजौरा और एसएन मिश्रा शामिल हैं. इसके अलावा, सीएमओ में 1 एसीएस या पीएस की नियुक्ति की संभावना है, जिसमें राजेश राजौरा ( अगर CS नहीं बनते हैं तो), अशोक वर्णवाल, अनुपम राजन, शिवशेखर शुक्ला, ई रमेश कुमार, संजय शुक्ला, निकुंज श्रीवास्तव और मनु श्रीवास्तव शामिल हैं

सुधीर सक्सेना को जल्द ही बदला जा सकता है

बता दें कि मार्च 2024 में दो साल का कार्यकाल पूरा करने वाले डीजीपी सुधीर सक्सेना को जल्द ही बदला जा सकता है. मुख्य सचिव वीरा राणा को लेकर 2 तरह बातें सामने आ रही हैं. सितंबर 2024 में छह महीने का एक्सटेंशन खत्म होने से पहले उन्हें बदला जाएगा या फिर पहले ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) के तौर पर नए मुख्य सचिव की नियुक्ति की जाएगी. किसी भी स्थिति में सितंबर से पहले नए सीएस की नियुक्ति हो जाएगी. इस पद के लिए मुख्य दावेदार मोहम्मद सुलेमान, डॉ. राजेश राजौरा और एसएन मिश्रा हैं. केंद्र में वर्तमान में पदस्थ अनुराग जैन भी प्रमुख दावेदारों में से एक हैं, जिनमें केंद्रीय कैबिनेट, रक्षा या गृह सचिव की भूमिकाएं शामिल हैं. अब जैन को तय करना होगा कि वे एमपी जाना चाहते हैं या नहीं और सीएम को पहल करनी होगी. फिलहाल केंद्रीय कैबिनेट और गृह सचिव के पदों पर विस्तार चल रहा है. 

अतिरिक्त मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव की नियुक्ति भी संभावित 

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) में एक अतिरिक्त मुख्य सचिव (Additional Chief Secretary) या प्रमुख सचिव (principal Secretary) की नियुक्ति भी संभावित है. मंत्रालय में दो साल या उससे अधिक समय से एसीएस-पीएस और विभागाध्यक्ष पद पर कार्यरत अधिकारियों की लिस्ट तैयार की गई है, जिनमें से कुछ को बदला जा सकता है. कुछ मंत्रियों की अपने प्रमुख सचिवों से नहीं बनती और उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखी है. एसीएस, पीएस और सचिव पदों पर बदलाव के बाद कुछ कलेक्टरों पर ध्यान जा सकता है. इन पदों के लिए राजेश राजौरा (यदि वे सीएस नहीं बनते हैं), अशोक वर्णवाल, मनु श्रीवास्तव, अनुपम राजन, शिवशेखर शुक्ला, ई रमेश कुमार, संजय शुक्ला और निकुंज श्रीवास्तव शामिल हैं.  

चुनाव आयुक्त का कार्यकाल

वहीं, राज्य चुनाव आयुक्त बीपी सिंह का कार्यकाल जून में खत्म हो रहा है. यह पद एक दिन के लिए भी खाली नहीं रहा है. नए प्रावधान के तहत मौजूदा आयुक्त का कार्यकाल छह महीने या नई नियुक्ति होने तक बढ़ाया जा सकता है. इस पद के लिए संभावित अधिकारियों में वीरा राणा, कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष संजय बंदोपाध्याय, एसीएस जेएन कंसोटिया और अन्य शामिल हैं.