उलेमा बोर्ड ने दी मोहन सरकार को चुनौती! कहा- 'मदरसों में हिन्दू बच्चों की पढ़ाई जारी रहेगी'
मध्य प्रदेश में मदरसों पर नए आदेश को लेकर उलेमा बोर्ड ने सरकार के फैसले का विरोध किया और कहा कि मदरसों में हिंदू बच्चों की शिक्षा जारी रहेगी.
मध्य प्रदेश में मदरसों को लेकर मोहन सरकार के फैसला का उलेमा बोर्ड ने विरोध किया है. प्रदेश अध्यक्ष काजी अनस अली ने शिक्षा विभाग के उस आदेश को न मानने की बात कही है, जिसमें गैर मुस्लिम बच्चों को मजहबी तालीम दिए जाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी. काजी अनस अली ने कहा कि मदरसों में हिन्दू बच्चों की पढ़ाई जारी रहेगी और इसे कोई नहीं रोक सकता. उन्होंने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि सरकार मदरसों को टारगेट कर रही है.
हमें कोई नहीं रोक सकता'
दरअसल, एमपी में आदेश के बावजूद उलेमा बोर्ड ने कहा है कि मदरसों में हिंदू बच्चों के पढ़ने पर कोई रोक नहीं होगी. उलेमा बोर्ड के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हम हिंदू बच्चों को पढ़ाएंगे. ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड के प्रदेश अध्यक्ष काजी अनस अली ने कहा कि उलेमा बोर्ड ने मदरसों में हिंदू बच्चों के पढ़ने पर एमपी के शिक्षा विभाग के आदेश को मानने से इनकार कर दिया है. उलेमा बोर्ड के प्रदेश अध्यक्ष ने साफ कहा कि मदरसों को निशाना बनाया जा रहा है. हम संविधान के मुताबिक काम करेंगे. हम मदरसों में सभी हिंदू धर्मों के बच्चों को पढ़ाएंगे, हमें कोई नहीं रोक सकता. आज प्रदेश भर के मदरसों में बड़ी संख्या में हिंदू बच्चे पढ़ रहे हैं.
मोहन सरकार का मदरसों को लेकर बड़ा निर्णय
बता दें कि हाल ही में एमपी की मोहन सरकार ने मदरसों को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किया है कि अगर मदरसों में गैर-मुस्लिम बच्चों को धार्मिक शिक्षा दी जाती है, तो ऐसे मदरसों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. आदेश के अनुसार, किसी भी धार्मिक गतिविधि के लिए अभिभावक की लिखित स्वीकृति अनिवार्य होगी. इस आदेश में संविधान की धारा 28(3) का हवाला देते हुए कहा गया है कि गैर-मुस्लिम छात्रों को धार्मिक शिक्षा देने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद विभाग ने मदरसों के भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए हैं.
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