चुनाव से पहले टेंशन में INDIA गठबंधन, एक हफ्ते में कोर्ट में देना होगा जवाब, जानें पूरा मामला

लोकसभा चुनाव में जुटी विपक्षी पार्टियों के लिए दिल्ली हाई कोर्ट से अल्टीमेटम मिला है. जी हां, विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन के 'इंडिया' नामकरण के खिलाफ पिछले साल ही याचिका दाखिल की गई थी. अब कोर्ट ने एक हफ्ते में जवाब मांगा है.

Apr 2, 2024 - 15:25
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चुनाव से पहले टेंशन में INDIA गठबंधन, एक हफ्ते में कोर्ट में देना होगा जवाब, जानें पूरा मामला

INDIA गठबंधन के नामकरण के खिलाफ दायर याचिका पर अब दिल्ली हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. कोर्ट ने केंद्र सरकार और कई विपक्षी दलों को उस याचिका पर जवाब देने का आखिरी मौका दिया है, जिसमें विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ पर संक्षिप्त नाम ‘इंडिया’ का उपयोग करने पर रोक लगाए जाने का अनुरोध किया गया है. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति मनमीत पी एस अरोड़ा की पीठ ने कहा कि जनहित याचिका पर एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल किया जाए.

अनुचित लाभ उठा रहे विपक्षी दल

याचिका में आरोप लगाया गया है कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ के लिए संक्षिप्त नाम ‘इंडिया’ का उपयोग कर राजनीतिक दल ‘हमारे देश के नाम पर अनुचित लाभ’ उठा रहे हैं. 

10 अप्रैल को निपटारा होगा

हाई कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई की तारीख आगे बढ़ाने से इनकार करते हुए कहा कि याचिका पर 10 अप्रैल को सुनवाई करने और इसका निपटारा करने का प्रयास किया जाएगा. पीठ ने कहा, ‘प्रतिवादी पक्षकारों को एक सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का आखिरी मौका दिया जाता है.’ 

अदालत ने याचिकाकर्ता गिरीश भारद्वाज की याचिका पर सुनवाई की. इसमें मामले की जल्द सुनवाई का अनुरोध करते हुए कहा गया है कि याचिका अगस्त 2023 से लंबित है, सुनवाई अभी पूरी नहीं हुई है और निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम की घोषणा भी कर चुका है. याचिकाकर्ता का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील वैभव सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार और विपक्षी दलों को पहले ही आठ अवसर दिए जा चुके हैं लेकिन उन्होंने अभी तक अपना जवाब दाखिल नहीं किया

वकील सिद्धांत कुमार ने अदालत को बताया कि निर्वाचन आयोग इस मामले में पहले ही अपना जवाब दाखिल कर चुका है. केंद्र सरकार के वकील ने नवंबर 2023 में अदालत से जवाब दाखिल करने के लिए एक हफ्ते या 10 दिन का और समय देने का आग्रह किया था. 

कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक सहित 9 राजनीतिक दलों का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी ने कहा था कि याचिका के खिलाफ प्रारंभिक आपत्तियां थीं और उच्चतम न्यायालय इस मुद्दे से निपट चुका है. 

जिन राजनीतिक दलों को प्रतिवादियों के रूप में सूचीबद्ध किया गया है उनमें कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक, आम आदमी पार्टी, जनता दल (यूनाइटेड), राष्ट्रीय जनता दल, झारखंड मुक्ति मोर्चा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार), शिव सेना (यूबीटी), समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल, अपना दल (कमेरावादी) शामिल हैं.

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