पल-पल बदला विनेश का वजन, सेमीफाइनल के दिन 100 ग्राम था कम, रात भर में ऐसे बदली कहानी

विनेश वजन में फेल होने के कारण अपने फाइनल से अयोग्य घोषित होने वाली पहली एथलीट हैं. हालांकि, उन्हें पहले भी वजन घटाने में संघर्ष करना पड़ा है और इस साल अप्रैल में एशियाई ओलंपिक क्वालीफायर के दौरान वे बमुश्किल कट बना पाई थीं.

Aug 7, 2024 - 19:57
 0  31
पल-पल बदला विनेश का वजन, सेमीफाइनल के दिन 100 ग्राम था कम, रात भर में ऐसे बदली कहानी

भारत की स्टार रेसलर विनेश फोगाट का ओलंपिक मेडल जीतने का सपना टूट गया. वह बुधवार (7 अगस्त) को फाइनल से पहले डिस्क्वालिफाई हो गईं. विनेश का वजन 100 ग्राम ज्यादा पाया गया. इस कारण वह गोल्ड मेडल मैच में नहीं खेल पाईं. इतना ही नहीं, उन्हें कोई मेडल भी नहीं मिला. भारतीय पहलवान को अयोग्य घोषित कर दिया गया. विनेश को गोल्ड मेडल के लिए टोक्यो 2020 की ब्रॉन्ज विजेता अमेरिका की सारा हिल्डेब्रांट से भिड़ना था. विनेश की जगह क्यूबा की युजनेलिस गुजमैन ने ले ली है. उन्हें विनेश ने सेमीफाइनल में हराया था.

यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) के नियमों के अनुसार, ''यदि कोई एथलीट वजन मापने में शामिल नहीं होता है या असफल होता है, तो उसे प्रतियोगिता से बाहर कर दिया जाएगा और बिना किसी रैंकिंग के अंतिम स्थान पर रखा जाएगा.''

सेमीफाइनल से पहले 100 ग्राम कम था वजन

29 वर्षीय इस पहलवान का वजन गोल्ड मेडल मैच के दिन सुबह में 50 किलोग्राम की सीमा से 100 ग्राम अधिक . मंगलवार की सुबह अपने पहले दौर के मुकाबले से पहले विनेश का वजन 49.90 किलोग्राम था. हालांकि, दिन के दौरान उनका वजन बढ़ा और उन्होंने लगातार तीन जीत हासिल कीं, जिसमें मौजूदा ओलंपिक चैंपियन युई सुसाकी पर जीत भी शामिल है, जिससे वे फाइनल में पहुंच गईं. गुजमैन पर सेमीफाइनल में जीत के बाद उनका वजन लगभग 52.7 किलोग्राम था.

खाने के बाद बदल गया सबकुछ

विनेश, उनके कोच और उनके सहयोगी स्टाफ ने कट बनाने के लिए बिना भोजन या पानी के एक रात बिना सोए बिताई. जब सब कुछ विफल हो गया, तो उन्होंने उसके बाल काटने और खून निकालने जैसे चरम उपायों का सहारा लिया, लेकिन वह सफल नहीं हो पाईं. स्पोर्टस्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, विनेश का सामान्य वजन 57 किलोग्राम है. उन्होंने 50 किग्रा तक इसे लाने के लिए सबकुछ किया. मंगलवार को सुबह उनका वजन 49.9 किलोग्राम था, लेकिन जैसे ही उन्होंने थोड़ा सा खाना खाया, उनका वजन सीधे 53 किलोग्राम हो गया.

पानी नहीं पिया, दौड़ लगाई लेकिन नहीं मिली सफलता

रात में विनेश का वजन 52.7 किलोग्राम था. वह रात भर नहीं सोई. उन्होंने पानी भी नहीं पिया. उन्होंने पूरी रात दौड़ लगाई. वह किसी तरह 50.1 किग्रा तक वजन को लेकर आईं, लेकिन उनके पास 100 ग्राम कम करने के लिए समय नहीं था. उन्हें वजन कम करने के लिए कोई एक्स्ट्रा टाइम नहीं दिया गया. इससे उनका सपना टूट गया.

इस तरह बदलते गई विनेश की वेट कैटेगरी

विनेश वजन में फेल होने के कारण अपने फाइनल से अयोग्य घोषित होने वाली पहली एथलीट हैं. हालांकि, उन्हें पहले भी वजन घटाने में संघर्ष करना पड़ा है और इस साल अप्रैल में एशियाई ओलंपिक क्वालीफायर के दौरान वे बमुश्किल कट बना पाई थीं. विनेश ने अपने पहले ओलंपिक में 48 किग्रा वर्ग में कुश्ती लड़ी थी. तब उनकी उम्र 22 वर्ष थी. जैसे-जैसे वे बड़ी होती गईं, उस वजन को बनाए रखना उनके लिए मुश्किल होता गया. फिर वह 50 किग्रा वर्ग में चली गईं और फिर टोक्यो ओलंपिक के समय 53 किग्रा वर्ग में खेलीं.

मजबूरी में 50 किग्रा कैटेगरी में उतरीं

विनेश 53 किग्रा में खेलने के लिए बहुत अधिक वजन कम कर रही थीं. वजन कम होने के कारण उनकी रिकवरी खराब रही और उन्हें बार-बार चोट लग गई. उनकी चोट के साथ ही एक अन्य भारतीय पहलवान अंतिम पंघाल का उदय भी हुआ. जब विनेश बिस्तर पर पड़ी थीं, तब अंतिम ने महिलाओं के 53 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेड जीता और पेरिस ओलंपिक के लिए कोटा हासिल किया. विनेश के पास 50 किग्रा वर्ग में उतरने के अलावा कोई विकल्प नहीं था. यह महिला कुश्ती में सबसे हल्का वर्ग है

साभार