भारतीय टीम जीतने की आदी हो चुकी', पाकिस्तानी दिग्गजों के सुर बदले, मियांदाद सहित कई ने जमकर सराहा

खिताबी जीत से एक दिन पहले तक ज्यादातर पाकिस्तानियों को भारत में कई खामियां नजर आ रही थीं, लेकिन अब एकदम से ज्यादातर के सुर बदल गए हैं, तो कभी स्पॉट फिक्सिंग में शामिल रहे एक खिलाड़ी सहित कईयों को सांप सूंघ गया है

Mar 9, 2026 - 17:49
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भारतीय टीम जीतने की आदी हो चुकी', पाकिस्तानी दिग्गजों के सुर बदले, मियांदाद सहित कई ने जमकर सराहा

T20 World Cu 2026 में रविवार को न्यूजीलैंड (India vs New Zealand Final) के खिलाफ भारत की खिताब जीत से एक दिन पहले तक पाकिस्तानी पूर्व दिग्गजों में भारत में कई खोट नजर आ रहे थे. कोई कभी स्पॉट फिक्सिंग में फंसा क्रिकेटर अभिषेक को बल्लेबाज नहीं मान रहा था, तो ज्यादातर को भारत की श्रेष्ठता गले नहीं उतर रही थी, लेकिन खिताब जीतते ही एकदम से सभी के सुर बदल गए हैं. भारत के लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप खिताब जीतकर इतिहास रचने के बाद पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज खिलाड़ियों ने टीम की सराहना की है. पूर्व टेस्ट कप्तान और महान बल्लेबाज जावेद मियांदाद ने कहा कि कोई भी टीम जो सेमीफाइनल और फाइनल में 250 से अधिक का स्कोर बनाती है, वह चैंपियन बनने की हकदार है.

मियांदाद ने कहा, ‘उनकी टीम अब एक मजबूत प्रक्रिया आधारित क्रिकेट ढांचे का फायदा उठा रही है. अगर आप देखें कि वे अब कितनी प्रतिभा तैयार कर रहे हैं, तो यह उनके मजबूत ढांचे की वजह से है. उनके पास बल्लेबाज, स्पिनर या तेज गेंदबाजों की कमी नहीं है और उनके युवा खिलाड़ी नतीजा हासिल करने के लिए खेलते हैं और उन्हें खेल की जानकारी है.' इस पूर्व महान खिलाड़ी ने कहा कि जब किसी टीम के ड्रेसिंग रूम में जीतने की संस्कृति और मानसिकता बन जाती है तो इससे हमेशा खिताब जीतते हैं, यही वजह है कि भारत ने पिछले साल चैंपियंस ट्रॉफी भी जीती थी. उन्होंने कहा, ‘हमारे ड्रेसिंग रूम में एक बार ऐसा माहौल था और हम अक्सर जीतते थे.'

वहीं, पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने कहा कि भारत की जीत कोई हैरानी की बात नहीं थी क्योंकि उनके खिलाड़ी अब दबाव में खेलने के आदी हो गए हैं. उन्होंने कहा, ‘जब आप नियमित तौर पर बड़ी प्रतियोगिताओं के फाइनल में पहुंचते हैं तो खिलाड़ी भी जीतने के आदी हो जाते हैं.' राशिद ने कहा कि भारतीय क्रिकेट टीम में निरंतरता और स्थिरता भी उनकी सफलता का एक अहम कारण है जबकि इसके विपरीत पाकिस्तान में बार-बार बदलाव और बेसब्री ने कई समस्याएं पैदा की हैं.

पूर्व टेस्ट तेज गेंदबाज सिकंदर बख्त ने कहा कि जब तक पसंद, नापसंद, चयन और कप्तानी के गलत फैसले लेने की मौजूदा संस्कृति खत्म नहीं होती तब तक पाकिस्तान टीम बड़ी प्रतियोगिताओं में बड़ी टीमों के खिलाफ संघर्ष करती रहेगी. सिकंदर ने कहा, ‘हमें अपनी नाकामियों के लिए बहाने ढूंढना बंद करना होगा और सही फैसले लेने होंगे.'

पिछले साल तक पाकिस्तान महिला टीम के मुख्य कोच रहे पूर्व टेस्ट बल्लेबाज और मुख्य चयनकर्ता मुहम्मद वसीम ने कहा कि जब तक पाकिस्तान में हर कोई एक टीम के तौर पर भारत के वर्चस्व को स्वीकार नहीं कर लेता तब तक कुछ नहीं बदलेगा. उन्होंने कहा, ‘आम तौर पर हम जब भी भारत से हारते हैं या वे बड़ी प्रतियोगिताओं में अच्छा करते हैं तो हम कमियां निकालने और साजिश की बातें फैलाने की कोशिश करते हैं. हमें इसे रोकना होगा और यह स्वीकार करना होगा कि उनकी टीम एक शीर्ष टीम है और हमें अपनी गलतियों से सीखकर खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करनी चाहिए.' एक और दिग्गगज पूर्व ओपनर और मुख्य कोच मोहसिन खान ने कहा कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड लाल गेंद के क्रिकेट और टेस्ट क्रिकेट पर इतना ध्यान दे रहा है. इसलिए वे ऐसे खिलाड़ी तैयार कर रहे हैं जो कड़ी मेहनत से आगे बढ़ते हैं. मोहसिन ने कहा, ‘इसके अलावा मुझे भारतीय खिलाड़ियों में कोई असुरक्षा की भावना नहीं दिखती। शायद इसलिए क्योंकि वित्तीय तौर पर उनका बोर्ड उनका बहुत अच्छे से ध्यान रखता है.'

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