17वीं लोकसभा में पीएम मोदी का आखिरी संबोधन, आर्टिकल 370 और राम मंदिर से लेकर किया इन बातों का जिक्र

पीएम मोदी ने 17वीं लोकसभा के आखिरी संबोधन में कहा कि सांसदों ने अपने वेतन में 30% की कटौती करने से गुरेज नहीं किया और सांसदों को मिलने वाली कैंटीन के भोजन पर सब्सिडी भी बंद कर दी गई

Feb 10, 2024 - 19:32
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17वीं लोकसभा में पीएम मोदी का आखिरी संबोधन, आर्टिकल 370 और राम मंदिर से लेकर किया इन बातों का जिक्र

17वीं लोकसभा के आखिरी संबोधन पर पीएम का सभी को धन्यवाद

मोदी ने नए भवन में सेंगोल की स्थापना को भी याद किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि पिछले पांच वर्षों में देश में एक साथ 'सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन' हुआ है. 17वीं लोकसभा के आखिरी संबोधन पर सभी को, विशेषकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को धन्यवाद देते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में, इस लोकसभा ने कोविड की चुनौती का सामना किया और काम करने का एक नया तरीका अपनाया. पीएम मोदी ने कहा कि सांसदों ने अपने वेतन में 30% की कटौती करने से गुरेज नहीं किया और सांसदों को मिलने वाली कैंटीन के भोजन पर सब्सिडी भी बंद कर दी गई.

नए संसद भवन में आने पर पीएम मोदी ने नए भवन में सेंगोल की स्थापना को भी याद किया. पीएम मोदी ने कहा कि जिन फैसलों का कई पीढ़ियों को लंबे समय तक इंतजार था, वे फैसले 17वीं लोकसभा में लिए गए. उन्होंने कहा, 'इस लोकसभा के कार्यकाल में ऐसे कई फैसले लिए गए जिनका कई पीढ़ियों को लंबे समय से इंतजार था. इस लोकसभा के कार्यकाल में अनुच्छेद 370 को भी निरस्त कर दिया गया... मुझे लगता है कि जिन्होंने संविधान का मसौदा तैयार किया, वे इसके लिए हमें आशीर्वाद देंगे.'

लोगों पर भरोसा जताए सरकार

न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन पर पीएम मोदी ने कहा कि सरकार को लोगों की जिंदगी से दूर रहना चाहिए और लोगों पर भरोसा दिखाना चाहिए.

जैसा कि पीएम मोदी 17वीं लोकसभा के महत्वपूर्ण फैसलों पर प्रकाश डाल रहे थे. उन्होंने अनुच्छेद 370 को खत्म करने और तीन तलाक बिल के पारित होने का उल्लेख किया. पीएम मोदी ने कहा कि नए संसद भवन की यात्रा महिला आरक्षण बिल के साथ शुरू हुई. पीएम मोदी ने कहा, 'आने वाले 25 साल देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं. एक तरफ राजनीतिक आकांक्षाएं हैं, दूसरी तरफ देश के लिए सपने हैं.'

पीएम मोदी ने आगे कहा, 'चुनाव दूर नहीं है. कुछ लोग थोड़े तनाव में होंगे लेकिन यह लोकतंत्र का एक पहलू है और हम इसे स्वीकार करना चाहिए. चुनाव हमारे लोकतंत्र का गौरव है.'

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