5वीं और 8वीं के छात्रों की बल्ले-बल्ले, अब इन स्कूलों के बच्चों को नहीं देना होगा बोर्ड एग्जाम; जानिए नियम

हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ में इस सत्र के लिए 5वीं और 8वीं के बोर्ड परीक्षाओं की अनिवार्यता हटा दी है. प्राइवेट स्कूल के छात्रों को परीक्षा नहीं देनी होगी.

Mar 6, 2025 - 19:48
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5वीं और 8वीं के छात्रों की बल्ले-बल्ले, अब इन स्कूलों के बच्चों को नहीं देना होगा बोर्ड एग्जाम; जानिए नियम

छत्तीसगढ़ के निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए अच्छी खबर है. बता दें कि राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष कई निजी स्कूलों में 5वीं और 8वीं कक्षा की परीक्षाएं केंद्रीकृत तरीके से आयोजित नहीं की जाएंगी. हालांकि, सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल इस बोर्ड परीक्षा में भाग लेगा. इसको लेकर छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी करते हुए कहा- निजी स्कूल के छात्रों को 5वीं और 8वीं बोर्ड की परीक्षा के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा.

दरअसल, जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच ने यह निर्णय छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के साथ अन्य दो याचिकाओं पर दिया है. हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्य की केंद्रीयकृत परीक्षाओं से निजी स्कूलों को अलग कर दिया है. हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने एक नया आदेश जारी कर दिया है. इसमें स्पष्ट कर दिया गया है कि, निजी स्कूलों के छात्रों के 5वीं और 8वीं की बोर्ड परीक्षा अब अनिवार्य नहीं होगी. हालांकि, जो निजी स्कूल या छात्र इस परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं, उन्हें बोर्ड परीक्षा देने का मौका मिलेगा. 

सरकारी स्कूल परीक्षा के लिए तैयार

वहीं, सरकारी स्कूलों के 5वीं और 8वीं के छात्रों को बोर्ड परीक्षा देना अनिवार्य होगा. प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों में इन दोनों कक्षाओं की केंद्रीयकृत परीक्षाएं होंगी. सरकारी स्कूलों के लिए समय सारिणी जारी करने के साथ ही प्रश्न पत्र का ब्लू प्रिंट भी जारी कर दिया गया है.

क्या है पूरा मामला ?

बताते चले कि 26 नवंबर 2024 को राज्य सरकार ने 5वीं और 8वीं की परीक्षाओं को केंद्रीकृत करने का फैसला लिया था. इसके तहत सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में एक समान प्रश्नपत्र और समय-सारणी के आधार पर परीक्षा आयोजित की जानी थी. लेकिन निजी स्कूल प्रबंधन ने इसका विरोध करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की. उनका कहना था कि वे उन किताबों से छात्रों को नहीं पढ़ा रहे हैं, जिनके आधार पर परीक्षा ली जानी थी. इस मामले पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि सरकार निजी स्कूलों पर केंद्रीकृत परीक्षा को अनिवार्य नहीं कर सकती. जो प्राइवेट स्कूल इस परीक्षा में शामिल होना नहीं चाहते उन्हें बाध्य नहीं किया जाएगा

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