MP के कृषि विभाग में 8,000 से अधिक पद खाली; PCC चीफ जीतू पटवारी ने PM मोदी से पत्र लिखकर मांगी मदद
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर कृषि विभाग में 8,000 से ज्यादा रिक्त पदों पर चिंता जताई. कहा-60% अमला गायब, किसान परेशान.
मध्य प्रदेश में कृषि विभाग की बदइंतज़ामी और हजारों रिक्त पदों को लेकर प्रदेश कांग्रेस (MP PCC Chief) अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jitu Patwari) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को पत्र (Jitu Patwari PM Modi Letter) लिखकर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि कृषि प्रधान राज्य कहलाने वाले मध्य प्रदेश में कृषि तंत्र सरकारी उदासीनता के बोझ तले कमजोर हो चुका है, जिससे किसान परेशान और भ्रमित हैं. कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि कृषि तंत्र 60% स्टाफ की कमी से चरमराया, सरकार की ‘कृषि कल्याण वर्ष' घोषणा खोखली है.
14,000 से अधिक स्वीकृत पदों में 8,000 से ज्यादा खाली; 60% स्टाफ नदारद
पटवारी के अनुसार कृषि विभाग में 14,500 से अधिक स्वीकृत पद हैं, जिनमें से लगभग 8,500 पद रिक्त पड़े हैं. उनका तर्क है कि जब विभाग का 60% से अधिक अमला कार्यहीन है, तो किसानों की समस्याओं का समाधान कैसे संभव है. उन्होंने कहा कि यह स्थिति सिर्फ कृषि विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े अन्य सहयोगी विभागों का भी यही हाल है, जिससे किसानों तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पा रहा.
कृषि कल्याण वर्ष 2026' घोषणा पर उठे सवाल
राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को ‘कृषि कल्याण वर्ष' घोषित किया है, लेकिन पटवारी का कहना है कि विभागीय व्यवस्था इतनी कमजोर है कि यह घोषणा केवल कागज़ों में ही रह गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र की जमीनी स्थिति इस घोषणा का “मज़ाक उड़ा रही है.”
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भी किया प्रहार
पटवारी ने अपने पत्र में केंद्र के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भी टिप्पणी की. उन्होंने लिखा कि चौहान लगभग दो दशक तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, और यदि उस दौरान कृषि ढांचे को मजबूत किया गया होता, तो आज प्रदेश की यह बदहाल तस्वीर नहीं होती. उन्होंने कहा कि विभाग में भारी रिक्तियों के कारण किसान परेशान हैं और योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल रहा.
रिक्त पदों की तत्काल समीक्षा और भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि :
कृषि और उससे जुड़े विभागों में रिक्त पदों की तत्काल समीक्षा की जाए,राज्य सरकार को शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया जाए,मैदानी स्तर पर संस्थागत क्षमता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय रणनीति तैयार की जाए,और कृषि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जाए.
पटवारी का कहना है कि यदि कृषि विभाग मजबूत नहीं हुआ, तो किसानों को समय पर मार्गदर्शन, तकनीकी सहयोग व योजनाओं का लाभ मिल पाना मुश्किल हो जाएगा.
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