National Lok Adalat: 14 करोड़ रुपये की छूट; MP में 39 हजार से अधिक बिजली संबंधी मामले निपटाए गए
राष्ट्रीय लोक अदालत में विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135, धारा 126 के तहत दर्ज बिजली चोरी एवं अनियमितताओं के प्रकरणों का समझौता किया गया.
पिछले दिनों मध्य प्रदेश में आयोजित हुई राष्ट्रीय लोक अदालत (Rashtriya Lok Adalat) में प्रदेश में 39 हजार 337 प्रकरणों का निराकरण किया गया है. एमपी के ऊर्जा मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में पात्रता अनुसार बिजली उपभोक्ताओं को 14 करोड़ 3 हजार रुपये की छूट दी गई है. बिजली कम्पनियों को 45 करोड़ 13 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है. लोक अदालत में 10 लाख रूपए तक के सिविल दायित्व के प्रकरणों में समझौते की सीमा निर्धारित थी.
इस कंपनी में इतनी छूट मिली
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 17 हजार 486 प्रकरणों का निराकरण कर विद्युत उपभोक्ताओं को 7 करोड 33 लाख 83 हजार रुपये की छूट दी गई है. कम्पनी को 21 करोड़ 8 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है. इसी तरह पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 13 हजार 233 प्रकरणों का निराकरण कर विद्युत उपभोक्ताओं को 3 करोड़ 92 लाख रुपये की छूट दी गई है. बिजली कम्पनी को 13 करोड़ 22 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा 8 हजार 618 प्रकरणों का निराकरण कर विद्युत उपभोक्ताओं को 2 करोड़ 77 लाख रुपये की छूट दी गई है. बिजली कम्पनी को 10 करोड़ 11 लाख रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है.
विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135, धारा 126 के तहत दर्ज बिजली चोरी एवं अनियमितताओं के प्रकरणों का समझौता किया गया.
प्री लिटिगेशन स्तर सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट, लिटिगेशन स्तर के प्रकरणों में आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत छूट प्रदान की गई. धारा 126 के प्रकरणों में सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं विलंब होने पर ब्याज में सौ प्रतिशत की छूट देय थी.
साभार