अन्नदाता बर्बादी की कगार पर क्यों? कांग्रेस ने राज्य व केंद्र सरकार की किसान नीतियों पर बोला हमला
पटवारी ने सरकार से मांग की कि प्याज का निर्यात तुरंत खोला जाए, फसलों के उचित दाम सुनिश्चित किए जाएं और खाद की उपलब्धता बिना दलाली व क़तार के किसानों तक पहुँचे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेगी.
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंगलवार को राज्य और केंद्र सरकार की किसान नीतियों पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा कि यह समय सरकारों की नीतियों की पोल खोलने का है. उन्होंने कहा कि किसानों से डबल इनकम का वादा किया गया था, लेकिन आज वही अन्नदाता अपनी उपज सड़कों पर फेंकने को मजबूर है. प्याज के दाम गिरने और निर्यात रोकने के फैसले को उन्होंने किसान विरोधी करार देते हुए कहा कि “सरकार की गलत नीतियों ने किसानों को बाजार से लेकर मंडियों तक बर्बादी की कगार पर ला दिया है.”
पीसीसी चीफ ने लगाए ये आरोप
पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश और देश—दोनों ही सरकारें कृषि संबंधी फैसले बिना ज़मीनी हकीकत समझे ले रही हैं. उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने की बजाय उन्हें लंबी-लंबी लाइनों में खड़ा कर मौत का इंतज़ार करने पर मजबूर किया गया. उन्होंने कहा “ना सोयाबीन का उचित दाम मिला, ना धान का समर्थन मूल्य मिला और ना ही गेंहूँ का सही भुगतान हुआ. सरकार हर बार सिर्फ़ वादे करती है, लेकिन ज़मीन पर कुछ नहीं करती,”
बीजेपी नेताओं पर किसानों का उपहास उड़ाने का आरोप लगाते हुए पटवारी ने कहा “किसान भाइयों देखिए, आपके पसीने की कमाई पर किस तरह ठहाके लगाए जा रहे हैं. आपकी मेहनत को मज़ाक समझने वाली सरकार को अब जवाब देने का समय आ गया है.”
पटवारी ने सरकार से मांग की कि प्याज का निर्यात तुरंत खोला जाए, फसलों के उचित दाम सुनिश्चित किए जाएं और खाद की उपलब्धता बिना दलाली व क़तार के किसानों तक पहुँचे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेगी. मुख्यमंत्री की विदेश यात्राओं पर भी पटवारी ने निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जब किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, तब मुख्यमंत्री करोड़ों रुपए विदेशी दौरों पर खर्च कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि “हमारे लोगों के पास दो वक्त की रोटी नहीं, और सत्ता में बैठे लोग ऐशो-आराम में डूबे हैं,”
साभार