अब हाईकोर्ट पर हमलावर हुए बड़बोले IAS संतोष वर्मा, बोले- 'SC-ST बच्चों को सिविल जज नहीं बनने दे रहे माननीय'

ब्राह्मण समुदाय को लेकर दिए विवादित बयान के लिए माफी मांग चुके IAS संतोष वर्मा के पिछले बयान में उनकी टीस नजर आई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि, कितनो को मारोगे, हर घर से संतोष वर्मा निकलेगा. मालूम हो, संतोष वर्मा अपने पिछले बयान को लेकर माफी मांग चुके हैं.

Dec 11, 2025 - 17:02
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अब हाईकोर्ट पर हमलावर हुए बड़बोले IAS संतोष वर्मा, बोले- 'SC-ST बच्चों को सिविल जज नहीं बनने दे रहे माननीय'

आरक्षण को लेकर ब्राह्मण समुदाय पर दिए विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में आए मध्य प्रदेश के वरिष्ठ IAS संतोष वर्मा अपने बड़बोलेपन से बाज नहीं आ रहे है. इस बार उन्होंने माननीय हाईकोर्ट को निशाने पर लिया है. उन्होंने आरोप लगाया है कि हाईकोर्ट के जज एससी-एसटी बच्चों को सिविल जज नहीं बनने दे रहे हैं. 

ब्राह्मण समुदाय को लेकर दिए विवादित बयान के लिए माफी मांग चुके IAS संतोष वर्मा के पिछले बयान में उनकी टीस नजर आई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि, कितनो को मारोगे, हर घर से संतोष वर्मा निकलेगा. मालूम हो, संतोष वर्मा अपने पिछले बयान को लेकर माफी मांग चुके हैं.

SC-ST को 50% कटऑफ, लेकिन SC-ST को दिए जा रहे 49.95 नंबर'

वायरल हो रहे नए वीडियो में आईएएस संतोष वर्मा ने आरोप लगाया कि सिविल जज एग्जाम में बैठने वाले एससी-एसटी अभ्यर्थियों का कटऑफ 50 फीसदी है, लेकिन साजिशन उन्हें 49.95 फीसदी नंबर दिए जा रहे हैं. उन्होंने आगे कहा, एससी-एसटी को रेस से बाहर रखने के लिए इंटरव्यू में 20 नहीं, बल्कि उन्हें 19.5 नंबर दिए जाते हैं.

आरक्षण तब तक हो जब तक कोई ब्राह्मण मेरे बेटे को बेटी दान न कर दे'

गौरतलब है आरक्षण को लेकर दिए बयान को लेकर IAS संतोष वर्मा को ब्राह्मण समाज की ओर से विरोध का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद उन्होंने माफी तक मांग ली थी, लेकिन विस्फोटक बयान देकर वो फिर सुर्खियों में आए, जब उन्होंने कहा कि आरक्षण तब तक जारी रहना चाहिए जब तक कोई ब्राह्मण मेरे बेटे को बेटी दान न कर दे या संबंध न बना ले.

ताजा वायरल बयान में आईएएस संतोष वर्मा ने माननीय हाई कोर्ट को निशाना बनाया है, जिसका वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो ने आईएएस वर्मा ेने हाईकोर्ट पर सीधी टिप्पणी करते हुए कहा कि हाईकोर्ट SC-ST बच्चों को सिविल जज नहीं बनने दे रहा है.

SC-ST समुदाय का बच्चा IAS-IPS बन सकता है, सिविल जज नहीं?

उल्लेखनीय है विवादित बयानों की फेहरिस्त में शामिल हो चुके आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा ने बुधवार को आरोप लगाया है कि एससी-एसटी समुदाय का बच्चा आईएएस और आईपीएस तो बन सकता है, लेकिन जज नहीं. इसके पीछे आईएएस वर्मा हाईकोर्ट को दोषी ठहरा रहे हैं. उनका सीधा आरोप है कि हाईकोर्ट ही एससी-एसटी को रोक रहा

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था आईएस संतोष वर्मा का पिछला वीडियो

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में आईएएस संतोष वर्मा ने कहा कि, 'कितनों को मारोगे, हर घर से संतोष वर्मा निकलेगा, तुम कितनों को जलाओगे, कितनों को निगल जाओगे, अब घर से संतोष निकलेगा. उनके नए बयान से भी विवाद बढ़ना तय माना जा रहा है, क्योंकि उनके बयान में पिछले बयान को लेकर हुए विरोध की टीस दिखी है. 

आईएएस संतोष वर्मा के विवादित बयान के बाद पूरे प्रदेश के ब्राह्मणों ने नाराजगी जाहिर की थी और उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था. बढ़ते विरोध के बीच सामान्य प्रशासन विभाग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था, लेकिन उसका असर उन पर पड़ता दिखाई नहीं दे रहा है.

ब्राह्मण विरोध के बीच विवादित बयान को लेकर आईएस संतोष वर्मा मांगनी पड़ी थी माफी 

ब्राह्मण समुदाय के खिलाफ दिए विवादित बयान का विरोध बढ़ने के बाद संतोष वर्मा ने माफी मांगते हुए कहा था कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है. बकौल संतोष वर्मा, कार्यक्रम में उनका भाषण 27 मिनट का था, लेकिन केवल 9 सेकंड का वीडियो वायरल कर विवाद पैदा किया गया, उनका किसी समाज को अपमानित करने का इरादा नहीं था.

माफी मांगते हुए संतोष वर्मा ने कहा था कि उनके बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया

मध्य प्रदेश अजाक्स की राज्य कार्यकारिणी की बैठक के दौरान आरक्षण को लेकर IAS संतोष वर्मा ने विवादित बयान दिया था.अजाक्स के नए नवेले नए अध्यक्ष चुने गए आईएएस संतोष वर्मा आरक्षण को विचार साझा करते हुए ब्राह्मण समाज को टारगेट किया था. माफी मांगते हुए तब उन्होंने कहा था कि उनका बयान संदर्भ से हटाकर पेश किया गया है.

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