अमेरिका ट्रेड समझौते पर कांग्रेस का हमला, राहुल गांधी भोपाल में करेंगे किसान पंचायत

राहुल गांधी की भोपाल किसान चौपाल से पहले कांग्रेस के नेता गांव-गांव जाकर किसानों से संवाद कर रहे हैं. मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी किसानों के बीच पहुंचे और उन्हें भोपाल आने का न्योता दिया

Feb 23, 2026 - 17:49
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अमेरिका ट्रेड समझौते पर कांग्रेस का हमला, राहुल गांधी भोपाल में करेंगे किसान पंचायत

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर देश की राजनीति गरमाती जा रही है. कांग्रेस इस समझौते को किसान विरोधी बताते हुए खुलकर विरोध कर रही है. इसी मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी 24 फरवरी को भोपाल में “किसान चौपाल” आयोजित करने जा रहे हैं. पार्टी का दावा है कि इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में किसान शामिल होंगे और सरकार की नीतियों पर खुलकर चर्चा होगी.

किसान चौपाल से पहले कांग्रेस के नेता गांव-गांव जाकर किसानों से संवाद कर रहे हैं. मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी किसानों के बीच पहुंचे और उन्हें भोपाल आने का न्योता दिया. सभा के दौरान एक दिलचस्प और भावनात्मक पल तब सामने आया, जब पटवारी ने मंच से ही अपने पिता को फोन लगाकर खेती की वास्तविक स्थिति पूछ ली. उन्होंने सीधे सवाल किया कि खेती में फायदा हो रहा है या नुकसान? फोन पर उनके पिता ने बताया कि आलू की फसल में भी लागत तक नहीं निकल पाई और बारिश के कारण गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई. यह बातचीत सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और किसान संकट की चर्चा फिर से केंद्र में आ गई है.

किसानों के हितों के खिलाफ समझौता'

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता देश के किसानों, युवाओं और आर्थिक हितों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि यह समझौता जल्दबाजी में किया गया और सरकार ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का इंतजार किए बिना निर्णय ले लिया. कांग्रेस का दावा है कि इस समझौते से भारतीय कृषि बाजार विदेशी उत्पादों के लिए खुल सकता है, जिससे स्थानीय किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा.

शुल्क, आयात और ऊर्जा सुरक्षा पर उठे सवाल

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि व्यापार समझौते के तहत भारत ने अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क में बड़ी रियायत देने की बात स्वीकार की है, जबकि भारतीय उत्पादों पर अधिक शुल्क लागू होने की आशंका जताई जा रही है. इसके साथ ही विपक्ष ने ऊर्जा सुरक्षा और डेटा सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है. उनका आरोप है कि इस तरह के समझौते भारत की आर्थिक स्वतंत्रता और नीति निर्धारण पर असर डाल सकते हैं.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी इस समझौते को किसान विरोधी बताते हुए केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि जब किसान पहले से आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, तब विदेशी कृषि उत्पादों के लिए बाजार खोलना ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है.

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