आखिर कौन है ये OCCRP... जिसने अडानी ग्रुप पर लगाए आरोप, क्या है इस संस्था का काम?
अडानी ग्रुप ने गुपचुप तरीकों से खुद अपने शेयर्स खरीद करके स्टॉक एक्सचेंज में लाखों डॉलर का निवेश कर रखा है.
अडानी ग्रुप ने गुपचुप तरीकों से खुद अपने शेयर्स खरीद करके स्टॉक एक्सचेंज में लाखों डॉलर का निवेश कर रखा है. हालांकि अडानी ग्रुप ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है. आइए आपको बताते हैं कि OCCRP क्या है और यह क्या काम करती है
अडानी ग्रुप (Adano Group) पर एक और मुश्किल आ गई है. हिंडनबर्ग की रिपोर्ट (Hindenburg Report) के बाद में अब OCCRP ने अडानी ग्रुप (Adani Group) के बारे में नया खुलासा किया है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि अडानी ग्रुप ने शेयरों में गड़बड़ी की है. इस रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि अडानी ग्रुप ने गुपचुप तरीकों से खुद अपने शेयर्स खरीद करके स्टॉक एक्सचेंज में लाखों डॉलर का निवेश कर रखा है. इस रिपोर्ट में मॉरीशस में किए गए ट्रांजेक्शन के बारे में जानकारी दी गई है. हालांकि अडानी ग्रुप ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है. आइए आपको बताते हैं कि OCCRP क्या है और यह क्या काम करती है.
OCCRP की स्थापना साल 2006 में हुई थी. ये ऑर्गेनाइजेशन संगठित अपराध पर रिपोर्टिंग में स्पेशियलिटी का दावा करता है. यह ग्लोबल नेटवर्क है. OCCRP गठन एशिया, यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका में फैलै हुए गैर लाभकारी जांच केंद्री की तरफ से किया गया है. इस संस्था को जॉर्ज सोरोस (George Soros) और रॉकफेलर ब्रदर्स फंड जैसे लोगों की तरफ से फंडिग मिलती है, जिसके जरिए ही जांच का काम किया जाता है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जॉर्ज सोरोस को मोदी सरकार का कट्टर विरोधी माना जाता है. वे समय-समय पर मोदी सरकार की आलोचना करते रहते हैं
कई नेताओं पर दे चुके हैं विवादित बयान
आपको बता दें अमेरिकी के अरबपति जॉर्ज सोरोस को हमेशा से ही विवादों से पुराना नाता रहा है. इससे पहले वह पीएम मोदी को लेकर कई बार विवादित बयान दे चुके हैं. इसके साथ ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, डोनाल्ट ट्रंप समेत कई बड़े नेताओं पर इन्होंने विवादित बयान दिए हैं. साथ ही OCCRP ऑर्गेनाइज्ड क्राइम से जड़ी रिपोर्टिंग का दावा करती है.
ओसीसीआरपी ने आरोप लगाया है कि इन लोगों ने विदेशी इकाइयों के जरिए कई सालों तक अडानी के शेयर खरीदे व बेचे और इससे काफी मुनाफा कमाया है और उनकी भागीदारी अस्पष्ट
OCCRP ने दावा किया कि नासिर अली शाबान अहली और चांग चुंग-लिंग नामक दो लोगों के अडानी परिवार के साथ लंबे समय से व्यापारिक संबंध हैं और उन्होंने गौतम अडानी के बड़े भाई विनोद अडानी से जुड़ी समूह कंपनियों आदि में निदेशक तथा शेयरधारक के रूप में भी काम किया है.