आखिरकार वाड्रा ने खुलकर कह ही दिया, क्या अमेठी की जनता प्रियंका की जगह रॉबर्ट को सिर-आंखों पर बैठाएगी?

लोकसभा चुनाव 2024 में उत्तर प्रदेश की अमेठी सीट से चुनाव मैदान में उतरने को लेकर गांधी फैमिली से रॉबर्ट वाड्रा ने दावेदारी की है. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट ने गुरुवार को कहा कि अमेठी की जनता चाहती है कि मैं वहां से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करूं?

Apr 4, 2024 - 20:53
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आखिरकार वाड्रा ने खुलकर कह ही दिया, क्या अमेठी की जनता प्रियंका की जगह रॉबर्ट को सिर-आंखों पर बैठाएगी?

देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में गांधी परिवार का पारंपरिक सीट अमेठी के लिए अभी तक किसी उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की है. लोकसभा चुनाव 2024 के लिए कांग्रेस ने उम्मीदवारों की कई लिस्ट जारी की, लेकिन अब तक यूपी की अमेठी और रायबरेली सीट पर उम्मीदवार नहीं उतारे हैं. कांग्रेस में सबसे ताकतवर यानी गांधी परिवार के दामाद रॉबर्ट वाड्रा ने इस सीट पर खुलकर दावेदारी कर दी है.

राहुल गांधी की हार के बाद कांग्रेस के लिए हॉट सीट है अमेठी 

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को लोकसभा चुनाव 2019 में अमेठी सीट पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के मुकाबले हार का सामना करना पड़ा था. इस बार उन्होंने अमेठी से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया. उन्होंने केरल की वायनाड लोकसभा सीट से ही दोबारा नामांकन दाखिल कर दिया है. अमेठी से उनकी जगह इस बार कांग्रेस महासचिव और यूपी की पूर्व प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा के चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही थीं.

अमेठी से प्रियंका गांधी के उतरने के संकेत, रॉबर्ट वाड्रा का दावा

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमिटी की ओर से बार-बार कहा जा रहा था कि प्रियंका गांधी को अमेठी या रायबरेली सीट से चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और प्रभारी महासचिव अविनाश पांडे ने कई बार अमेठी से प्रियंका गांधी के उतरने का संकेत दिया था. हालांकि, अब रॉबर्ट वाड्रा के खुलकर सामने आने से यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या अमेठी की जनता प्रियंका गांधी के बदले उन्हें सिर-आंखों पर बैठाएगी या नहीं?

क्या अमेठी से राजनीतिक करियर की शुरुआत करेंगे रॉबर्ट वाड्रा

कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए अमेठी सीट पर अभी तक कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है. इस बीच प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा ने गुरुवार को अमेठी सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है. रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि अमेठी की जनता चाहती है कि मैं वहीं से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करूं. क्योंकि अमेठी की जनता मानती है कि उसने मौजूदा सांसद को चुनकर बड़ी गलती कर दी है. उन्होंने कहा कि साल 1999 में प्रियंका गांधी के साथ वह अमेठी में अपना पहला राजनीतिक अभियान कर चुके हैं.

अमेठी, रायबरेली, सुल्तानपुर, जगदीशपुर में गांधी परिवार के काम का जिक्र

मीडिया से बातचीत करते हुए रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि मौजूदा सांसद से परेशान अमेठी के लोग चाहते हैं कि मैं वहां से लोकसभा चुनाव लड़ूं. उन्होंने कहा कि गांधी परिवार ने वर्षों से अमेठी, रायबरेली, सुल्तानपुर, जगदीशपुर वगैरह कई इलाके में मेहनत से काम किया है. वहां के लोगों की तरक्की हुई है. अब अमेठी के लोग चाहते हैं कि गांधी परिवार वापस आए. वे लोग मुझसे भी आशा करते हैं कि अपना पहला राजनीतिक कदम रखूं.

गांधी नेहरू परिवार के मेंबर का राजनीति से दूर रहना मुश्किल- रॉबर्ट वाड्रा

रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि वह गांधी- नेहरू परिवार के मेंबर हैं. इसलिए राजनीति से दूर रहना मुश्किल है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह हमेशा से चाहते हैं कि उनकी पत्नी प्रियंका गांधी वाड्रा पहले पार्लियामेंट में पहुंचे. उसके बाद ही उनका नंबर आएगा. उन्होंने कहा कि कई बार मुलाकातों के दौरान दूसरे नेता पूछते हैं कि आप राजनीति में आने में देर क्यों लगा रहा हैं, आप हमारी पार्टी से आ जाइए. वाड्रा ने कहा कि उनकी पार्टी लाइन के बाहर के नेताओं से भी दोस्ती है. उन नेताओं को यह लगता है कि अगर वाड्रा सांसद बनते हैं तो अलग स्तर पर काम हो पाएगा.

कभी कांग्रेस का अजेय दुर्ग माना जाता था अमेठी लोकसभा क्षेत्र

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन बनाकर लोकसभा चुनाव लड़ रही कांग्रेस को 17 सीटें मिली हैं. अमेठी और रायबरेली सीट पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. दोनों सीटों पर अब तक कांग्रेस के उम्मीदवार का ऐलान नहीं हुआ है. इसके अलावा कांग्रेस की सभी सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय हो चुके हैं. यूपी की अमेठी लोकसभा सीट को कभी कांग्रेस का अजेय दुर्ग माना जाता था. कांग्रेस ने 1977 से 2019 तक लगातार यहां कब्जा बनाए रखा. हालांकि, लोकसभा चुनाव 1984 में राजीव गांधी के सामने संजय गांधी की पत्नी मेनका गांधी ने यहां चुनाव लड़ा था.

गांधी परिवार के कई नेताओं ने अमेठी से राजनीति में डेब्यू किया

यूपी की अमेठी लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के अलावा कोई और नहीं जीत पाता था. कांग्रेस ही नहीं बल्कि गांधी-नेहरू परिवार के लिए बेहद खास रही है. गांधी परिवार के कई नेताओं ने अमेठी से राजनीति में अपना डेब्यू किया. अमेठी सीट से संजय गांधी एक बार, राजीव गांधी 4 बार, सोनिया गांधी एक बार और राहुल गांधी 3 बार इलेक्शन जीते. लोकसभा चुनाव 2019 में अमेठी कांग्रेस और गांधी परिवार दोनों के हाथों से फिसल गया. इस बार अमेठी की जनता का गांधी परिवार को लेकर क्या इरादा है, यह सामने नहीं आ पाया है.

अमेठी में 42 साल का दबदबा खत्म होने से सदमे में कांग्रेस

अमेठी में कांग्रेस और गांधी- नेहरू खानदान का पिछले 42 साल से जारी दबदबा खत्म हो गया. लोकसभा चुनाव 2024 में भी भाजपा ने अमेठी में स्मृति ईरानी को ही मैदान में उतारा है. अमेठी में अपना घर बनाकर गृह प्रवेश भी कर चुकी स्मृति ईरानी ने कहा है कि अब अमेठी ही उनका घर है और वे इसे छोड़कर नहीं जाएंगी. अमेठी में करीब 18 लाख वोटर्स में सबसे ज्यादा दलित मतदाता करीब 26 फीसदी है. इनके अलावा करीब 20 फीसदी मुस्लिम, 18 प्रतिशत ब्राह्मण, 11 प्रतिशत क्षत्रिय हैं. इस सीट पर 10 प्रतिशत कुर्मी- लोध और 16 फीसदी मौर्य- यादव हैं.

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