आजकल कहां हैं रामलला के हक में फैसला सुनाने वाले सुप्रीम कोर्ट के वो 5 जज?

राम मंदिर मामले में फैसला सुनाने वाले 5 जजों को भी प्राण प्रतिष्ठा का न्योता मिला है. लेकिन आजकल वे कहां हैं, वे क्या कर रहे हैं?

Jan 20, 2024 - 17:14
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आजकल कहां हैं रामलला के हक में फैसला सुनाने वाले सुप्रीम कोर्ट के वो 5 जज?

जनवरी को होने वाली रामलला की प्राण प्रतिष्ठा (Ram Mandir Pran Pratishtha) में अब तक तमाम VIP मेहमानों को न्योता भेजा जा चुका है. मेहमानों की इस लिस्ट में 5 ऐसे लोगों का नाम भी जुड़ गया है, जिन्होंने राम मंदिर के हक में फैसला दिया था. इस कार्यक्रम में अयोध्या मामले में फैसला देने वाले 5 जजों को भी न्योता भेजा गया है. इनमें वर्तमान सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, तत्कालीन सीजेआई रंजन गोगोई, पूर्व सीजेआई एस ए बोबडे, पूर्व जस्टिस अशोक भूषण और पूर्व जस्टिस एस अब्दुल नजीर का नाम शामिल है. 5 जजों की इसी बेंच ने 9 नवंबर 2019 को राम मंदिर पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया था जिसके बाद राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हो पाया था. आइए जानते हैं कि ये सभी जज अभी कहां हैं और क्या कर रहे हैं.

जस्टिस रंजन गोगोई

बता दें कि राम मंदिर मामले के फैसले के वक्त जस्टिस रंजन गोगोई सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस थे. 17 नवंबर 2019 को वह इस पद से रिटायर हुए थे. फिर इसके 4 महीने के बाद जस्टिस रंजन गोगोई को राज्यसभा सांसद का मनोनीत सांसद बनाया गया था

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़

जान लें कि जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ अभी चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया हैं. सबसे लंबे वक्त तक भारत के चीफ जस्टिस रहने वाले जस्टिस वाई वी चंद्रचूड़ के वो बेटे हैं.

जस्टिस एसए बोबडे

गौरतलब है कि जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस रंजन गोगोई के बाद भारत के 47वें सीजेआई बने थे. फिर 23 अप्रैल 2021 को उनका रिटायरमेंट हुआ था. रिटायरमेंट होने के बाद जस्टिस एसए बोबडे, महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी नागपुर के चांसलर का पद संभाल रहे हैं.

जस्टिस एस अब्दुल नजीर

बता दें कि राम मंदिर पर फैसला सुनाने वाले जस्टिस एस अब्दुल नजीर जनवरी 2023 में रिटायर हुए थे. इसके एक महीने बाद उनको आंध्र प्रदेश का गवर्नर बना दिया गया.

जस्टिस अशोक भूषण

वहीं, जस्टिस अशोक भूषण जुलाई, 2021 को रिटायर हुए थे. इसके 4 महीने बाद ही वे नेशनल कंपनी लॉ अपीलीय ट्रिब्यूनल के चेयरपर्सन बन गए थे.

जान लें कि आमंत्रित अतिथियों में अयोध्या केस की सुनवाई से जुड़े वकील के परासरन, हरिशंकर जैन, विष्णु शंकर जैन, सीएस वैद्यनाथन के अलावा महेश जेठमलानी, सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता और पूर्व अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल भी शामिल हैं.

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