एक राष्ट्र, एक चुनाव' बिल को मिली कैबिनेट से मंजूरी, अब अगला कदम क्या?

एक राष्ट्र एक चुनाव विधेयक के संसद के चालू शीतकालीन सत्र में पेश किए जाने की संभावना है. इससे लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराने का मार्ग प्रशस्त होगा.

Dec 12, 2024 - 20:44
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कानून को दो चरणों में लागू करने का सुझाव

पहले लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ

 लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने की दिशा में एक कदम बढ़ाते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को 'एक राष्ट्र एक चुनाव' विधेयक (One Nation One Election Bill) को मंजूरी दे दी. इस विधेयक को संसद के चालू शीतकालीन सत्र में पेश किए जाने की संभावना है. एक साथ चुनाव कराना भाजपा द्वारा अपने लोकसभा चुनाव घोषणापत्र में किए गए प्रमुख वादों में से एक था.

कैबिनेट की मंजूरी सरकार द्वारा पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशों को स्वीकार करने के कुछ सप्ताह बाद आज मिली है. समिति ने चरणबद्ध तरीके से लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और स्थानीय निकायों के चुनाव एक साथ कराने का सुझाव दिया है.

हालांकि, इस कदम का कांग्रेस और आप जैसी कई INDIA bloc पार्टियों ने विरोध किया है, जिन्होंने आरोप लगाया है कि इससे केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी को फायदा होगा. नीतीश कुमार की जेडी(यू) और चिराग पासवान जैसे प्रमुख एनडीए सहयोगियों ने एक साथ चुनाव कराने का समर्थन किया है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, विधेयक को ऐसे ही पास कराने के लिए संसद में नहीं लाया जाएगा. सरकार इस विधेयक पर व्यापक सहमति बनाने के लिए इसे संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजने की योजना बना रही है. ऐसे में बिल पर राय भी ली जाएगी.

बुद्धिजीवियों, विशेषज्ञों और नागरिक समाज के सदस्यों के अलावा सभी राज्य विधानसभाओं के अध्यक्षों की राय भी ली जाएगी. वहीं, आम लोगों से भी सुझाव मांगे जाएंगे.

कोविंद की अगुआई वाली समिति ने अपनी 18,626 पन्नों की रिपोर्ट में इस कदम को दो चरणों में लागू करने का सुझाव दिया है. समिति ने पहले चरण के तौर पर लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराने का सुझाव दिया है.

दूसरे कदम में क्या होगा?

अगला कदम स्थानीय निकायों और नगर पालिकाओं के चुनावों को लोकसभा और राज्यों के चुनावों के साथ समन्वयित करना है. यह इस तरह से किया जाएगा कि स्थानीय निकाय चुनाव लोकसभा चुनावों के 100 दिनों के भीतर हो जाएं. हालांकि, इसके लिए कम से कम आधे राज्यों की मंजूरी की आवश्यकता होगी. समिति ने एक राष्ट्र एक चुनाव को वास्तविकता बनाने के लिए 18 संवैधानिक संशोधनों की सिफारिश की है.

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