कांग्रेस नेता ने दी राहुल को क्यों दी 'गांधी की राह' छोड़ने की सलाह, 'न्याय यात्रा' पर कही ये बात
भोपाल में रोशनपुरा चौराहा पर कांग्रेस का मौन धरना दिया, हालांकि इस दौरान नेता आपस में बातचीत करते दिखे. मौन धरने में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार मौजूद रहे. नेताओं ने असम में कांग्रेस ने राहुल की यात्रा पर अटैक का आरोप लगाया है.
मध्य प्रदेश में कांग्रेस के नेता और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राहुल गांधी को मंगलवार को गांधी की राह छोड़ने की सलाह दे डाली. एमपी के नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेसियों से गांधी की राह छोड़ने का आव्हान किया. उमंग सिंघार की यह प्रतिक्रिया राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को रोके जाने और राहुल गांधी पर FIR के निर्देश को लेकर आई है.
उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को अब गांधी नहीं सुभाष चंद्र बोस की विचारधारा पर चलना होगा. राहुल गांधी लोकतंत्र को बचाने के लिए यात्रा कर रहे हैं. प्रतिपक्ष ने कहा कि हालात ऐसे बन रहे है कि गांधी को राह छोड़कर सुभाष चंद बोस की राह कार्यकर्ता को चलना पड़ेगा.
जानें क्यों दी सलाह
इससे पहले भोपाल में रोशनपुरा चौराहा पर कांग्रेस का मौन धरना दिया, हालांकि इस दौरान नेता आपस में बातचीत करते दिखे. मौन धरने में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार मौजूद रहे. नेताओं ने असम में कांग्रेस ने राहुल की यात्रा पर अटैक का आरोप लगाया है. इस दौरान जीतू पटवारी ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन हो रहा है. राहुल गांधी को मंदिर जाने से रोका जा रहा है. असम में राहुल गांधी की यात्रा पर हमला बताता है कि पड़ोसी देशों जैसी व्यवस्था हमारे देश मे व्यवस्था बनने लगी है.
क्या बोले दिग्विजय सिंह?
इधर, राहुल गांधी को असम मंदिर में जाने से रोकने पर दिग्गविजय सिंल भड़के. उन्होंने कहा कि बीजेपी अकेली खुद ही मंदिर जाना चाहती है. कांग्रेसी नेताओं के अयोध्या नहीं जाने के सवाल पर बोले राहुल गांधी को आमंत्रण नहीं मिला था. हालांकि, पाकिस्तान की ओर से राम मंदिर को लेकर आई प्रतिक्रिया के सवाल पर दिग्विजय सिंह ने चुप्पी साध ली.
क्यों दिए राहुल गांधी पर केस दर्ज करने के आदेश?
इससे पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य पुलिस को राहुल गांधी पर के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए. उन्होंने यह आदेश न्याय यात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गुवाहाटी में प्रवेश करने से रोके जाने के बीच "भीड़ को उकसाने" के लिए राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया. इससे पहले असम के हैबरगांव में सोमवार को भारी ड्रामा हुआ, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी को अधिकारियों ने बोरदोवा में श्री श्री शंकर देव सत्र मंदिर में जाने की अनुमति नहीं दी.
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