काले हिरण शिकार मामले में बड़े खुलासे; वन विभाग-STF की रिमांड पूरी, मास्टरमाइंड कौन?
काले हिरण के शिकार को लेकर पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि शिकार वाले दिन डॉ. वसीम खान लगातार दो संदिग्ध लोगों से फोन पर संपर्क में था. उन कॉल डिटेल्स की भी जांच की जा रही है.
सागर जिले में सामने आए काले हिरण (Blackbuck Poaching Case) शिकार मामले में वन विभाग और एसटीएफ को मिली चार दिन की फॉरेस्ट रिमांड पूरी हो गई है. रिमांड अवधि के दौरान हुई गहन पूछताछ में कई अहम और चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं. जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड कोई और है, जो फिलहाल फरार है. उसकी गिरफ्तारी के लिए वन विभाग ने अलग-अलग टीमें गठित कर दी हैं. वन विभाग के अनुसार, रिमांड के दौरान मुख्य आरोपी डॉ. वसीम खान से सख्ती से पूछताछ की गई. पूछताछ में वसीम ने स्वीकार किया कि वह दो अन्य लोगों के इशारे पर राहतगढ़ क्षेत्र में काले हिरण का शिकार करने आया था. उसने यह भी खुलासा किया कि इससे पहले भी कई लोग इस इलाके में काले हिरण का शिकार कर चुके हैं, जिससे यह मामला संगठित वन्यजीव अपराध की ओर इशारा करता है.
आरोपियों ने क्या कहा?
गिरफ्तार आरोपी ओमकार और राजू आदिवासी ने भी पूछताछ में महत्वपूर्ण जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि उन्हें जंगल की अच्छी जानकारी होने के कारण मास्टरमाइंड द्वारा जंगल तक ले जाने और काले हिरण की लोकेशन बताने के बदले 500 से 1000 रुपये नकद और शराब की बोतल दी जाती थी. आरोपियों ने स्वीकार किया कि यह काम वे पैसों और लालच में आकर करते थे.
वन विभाग को संदेह है कि इस पूरे नेटवर्क में पैसे का लेनदेन नियमित रूप से होता रहा है. इसी कड़ी में विभाग ने आरोपियों के बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है. इसके लिए संबंधित बैंकों को आधिकारिक पत्र जारी कर दिए गए हैं, ताकि लेनदेन की पूरी जानकारी जुटाई जा सके.
वन विभाग के ट्रेनी आईएफएस अधिकारी जयप्रकाश ने बताया कि यह मामला अभी पूरी तरह से खुला नहीं है. उन्होंने कहा, “पूछताछ में जो तथ्य सामने आए हैं, उनसे साफ है कि इसमें और भी लोग शामिल हैं. आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है. मास्टरमाइंड अभी फरार है, लेकिन उसे पकड़ने के लिए टीमें सक्रिय हैं.”
पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि शिकार वाले दिन डॉ. वसीम खान लगातार दो संदिग्ध लोगों से फोन पर संपर्क में था. उन कॉल डिटेल्स की भी जांच की जा रही है.
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आरोपी वसीम खान काफी शातिर है और पूछताछ के दौरान बार-बार टीम को गुमराह करने की कोशिश करता रहा. हालांकि, जब विभाग ने सख्त रुख अपनाया तो उसकी सारी चालाकी बेकार हो गई और उसने अपने अन्य साथियों के नाम उजागर कर दिए.
फिलहाल वन विभाग और एसटीएफ इस मामले को वन्यजीव अपराध के बड़े नेटवर्क के रूप में देख रही है और आने वाले दिनों में इसमें और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है.
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