किरण बेदी ने जेल को कैसे बनाया 'तिहाड़ आश्रम'? अब यहीं रहेंगे CM केजरीवाल
दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को तिहाड़ जेल में भेज दिया है, जहां वे 15 दिन की न्यायिक हिरासत में रहेंगे.
15 अप्रैल तक तिहाड़ में रहेंगे केजरीवाल
1957 में बनी थी यह चर्चित जेल
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कोर्ट ने 15 दिन की हिरासत में भेजा है. अब वे 15 अप्रैल तक दिल्ली के तिहाड़ जेल में रहेंगे. तिहाड़ दुनिया की सबसे बड़ी जेलों में से एक है. यह करीब 400 एकड़ क्षेत्र में फैली है. इसमें 9 सेंट्रल जेल आती हैं. आइए, जानते हैं कि तिहाड़ में कैदियों का क्या दिनचर्या होता है और क्या सुविधाएं मिलती हैं?
तिहाड़ जेल का इतिहास
तिहाड़ जेल आजादी के 10 साल बाद यानी साल 1957 में बनकर थी. यह जेल दिल्ली के तिहाड़ गांव के पास बनाई गई है. इसी कारण से इस गांव के नाम पर जेल का नाम पड़ गया. हालांकि, इस जेल का इतना विस्तार हो गया कि अब आसपास गांव नहीं बचे हैं.
किरन बेदी ने खुलवाया सुधार गृह
तिहाड़ जेल को तिहाड़ आश्रम के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि यहां पर कैदियों को सुधार जाता है. IPS किरण बेदी को ही तिहाड़ जेल में सुधार गृह शुरू करने का श्रेय दिया जाता है.यहां सुधार गृह खुलवाने के बाद उन्होंने कैदियों को सही राह दिखाई. जेल में बंद कई कैदियों की नौकरी भी लगी. कुछ ने जेल में रहते हुए UPSC भी पास कर ली. जेल में एक रेडियो स्टेशन है, जिसे कैदी ही चलाते हैं.
कैदियों को मिलती हैं ये सुविधाएं
- तिहाड़ जेल में 100 डॉक्टर्स की टीम है. इनमें स्पेशलिस्ट, सीनियर रेजिडेंट और रेजिडेंट डॉक्टर्स शामिल हैं
- कैदी समय-समय पर अपने रिश्तेदारों से भी मिल सकते हैं. मुलाकात का समय फिक्स किया जाता है.
- यहां पर साफ और पौष्टिक खाना दिया जाता है.
- तिहाड़ में कैदियों को NGO द्वारा भी मदद मिलती है. ये NGO उनके अधिकारों की सुरक्षा करते हैं.
- तिहाड़ जेल में कैदियों को फ्री में लीगल जानकारी दी जाती है.
- तिहाड़ में कैदियों की सुरक्षा का पूरा प्रबंध है.
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