किसी जमाने में स्कूटर पर बेचे थे बिस्किट-नमकीन, फिर अमिताभ के लिए बने 'सहारा'...जानें सुब्रत रॉय की कहानी
कहा जाता है कि अमिताभ बच्चन के खराब दौर में सुब्रत रॉय ने उनका खूब साथ दिया था. रॉय ने राजनीति में भी अपनी पैठ जमा ली थी. सपा नेता अमर सिंह से लेकर मुलायम सिंह यादव तक सुब्रत राय के करीबी हो चुके थे.
बेटो की शादी में खर्च किए 500 करोड़
पूर्व पीएम वाजपेयी ने भी की थी शिरकत
सहारा इंडिया परिवार के संस्थापक सुब्रत रॉय 75 साल की उम्र में मंगलवार (14 नवंबर) देर रात को निधन हो गया. सुब्रत लंबे समय से बीमार थे. उनकी मृत्यु कार्डियो रेस्पिरेटरी अरेस्ट के कारण हुई है. आज उनका पार्थिव शरीर लखनऊ ले जाया जाएगा, यहीं पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. उनके अंतिम संस्कार में कई बड़ी राजनीतिक और फ़िल्मी हस्तियां शामिल हो सकती हैं.
स्कूटर पर नमकीन बेचे
सुब्रत रॉय का जन्म 10 जून 1948 को बिहार के अररिया जिले में हुआ. उनकी शुरुआती पढ़ाई कोलकाता में हुई, इसके बाद उन्होंने गोरखपुर के सरकारी कॉलेज से मेकैनिकल इंजिनियरिंग की डिग्री ली. गोरखपुर से ही उन्होंने 1978 में 'सहारा' की शुरुआत की. उस समय सुब्रत रॉय गोरखपुर में एक स्कूटर से चला करते थे. दिन में 100 रुपये कमाने वाले लोग उनके पास 20 रुपये जमा करते थे. इसी छोटे से मुनाफे के साथ उन्होंने काम शुरू किया था. अपने बुरे दिनों में रॉय ने लंब्रेटा स्कूटर पर बिस्किट और नमकीन भी बेचे थे.
क्रिकेट के शौकीन
गोरखपुर से शुरू हुआ सहारा चिटफंड का कारोबार विदेशों तक फैल गया. सुब्रत रॉय की किस्मत चमक उठी. वे करोड़ों की संपत्ति के मालिक बन गए. उन्हें बचपन से ही फिल्मों और क्रिकेट का शौक था. यही कारण है कि वे लाखों-करोड़ों खर्च कर टीम इंडिया के स्पाॅन्सर बने रहे.
बॉलीवुड और राजनीति में जमाई पैठ
कहा जाता है कि अमिताभ बच्चन के खराब दौर में सुब्रत रॉय ने उनका खूब साथ दिया था. रॉय ने राजनीति में भी अपनी पैठ जमा ली थी. सपा नेता अमर सिंह से लेकर मुलायम सिंह यादव तक सुब्रत राय के करीबी हो चुके थे. 2004 में इनके दोनों बेटों की शादी में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी आए थे. साथ ही अमिताभ, शाहरूख समेत बॉलीवुड की कई हस्तियां मौजूद थीं. कहा जाता है कि उस शादी में 500 करोड़ रुपये खर्च हुए थे.
विवादों में भी रहे
सुब्रत का विवादों से भी खूब नाता रहा है. कई लोगों ने सहारा कंपनी की स्कीमों में अपना पैसा लगाया था, लेकिन घाटे के कारण लोगों के पैसों का भुगतान नहीं हो पाया. सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में सुब्रत की गिरफ्तारी पर रोक लगी. सुब्रत का कहना था किवे लोगों तक उनका पैसे पहुंचना चाहते हैं, लेकिन अब उनका यह सपना अधूरा ही रह गया.
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