किस्सा क्रिकेट का : धोनी-विराट जैसे धुरंधर थे टीम में, फिर भी 79 रन पर ढेर हो गया था भारत
साल 2016. तारीख 15 मार्च. वेन्यू नागपुर का विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम. टी20 वर्ल्ड कप के एक मैच में भारत और न्यूजीलैंड की टीमें आमने-सामने. इस दिन कुछ ऐसा हुआ जो शायद ही कोई भारतीय क्रिकेट फैन देखना चाहेगा. और तो और टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने कभी सोचा तक नहीं होगा.
साल 2016. तारीख 15 मार्च. वेन्यू नागपुर का विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम. टी20 वर्ल्ड कप के एक मैच में भारत और न्यूजीलैंड की टीमें आमने-सामने. इस दिन कुछ ऐसा हुआ जो शायद ही कोई भारतीय क्रिकेट फैन देखना चाहेगा. और तो और टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने कभी सोचा तक नहीं होगा. इस दिन जब महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टीम बल्लेबाजी करने उतरी तो महज 79 रन पर ढेर हो गई. यह फैंस के लिए किसी सदमे से कम नहीं था, लेकिन सच तो स्वीकार करना ही पड़ेगा. युवराज सिंह से लेकर रोहित-कोहली और धोनी तक, एक से एक धुरंधर बल्लेबाजों से भरी टीम 79 रन पर सिमट जाए तो कौन ही यकीन करेगा. हुआ ऐसा ही. यह स्कोर भारत का टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में में सबसे टोटल भी बन गया.
गेंदबाजों ने तो कर दिया था अपना नाम
अपने घर पर वर्ल्ड कप खेल रही भारतीय टीम इस मैच में पहले गेंदबाजी कर रही थी. सुरेश रैना, आशीष नेहरा, जसप्रीत बुमराह, रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा ने भले ही एक-एक विकेट लिया, लेकिन रनों पर अंकुश लगाते हुए गेंदबाजों ने उम्दा प्रदर्शन किया. न्यूजीलैंड की टीम भारतीय बॉलिंग अटैक के आगे सिर्फ 126 रन ही जोड़ पाने में कामयाब रही. स्टेडियम में मौजूदा फैंस और क्रिकेटर्स की जेहन में यही होगा कि मैच अपनी मुट्ठी में है. ऐसा हो भी क्यों न, जिस टीम नें युवराज और धोनी जैसे वर्ल्ड क्लास फिनिशर हों तो शक की क्या ही बात. लेकिन कहानी में बड़ा ट्विस्ट बाकी था.
युवराज-रोहित-रैना-धवन, कोई नहीं चला
127 रन के टारगेट का पीछा करने उतरे भारतीय ओपनर आए और चलते बने. पहले शिखर धवन ने सिर्फ 1 रन बनाकर नाथन मैकुलम को अपने विकेट सौंप दिया. इसके बाद रोहित शर्मा भी 5 रन बनाकर मिचेल सैंटनर को विकेट थमा बैठे. अब जिम्मेदारी थी विराट कोहली और सुरेश रैना की जोड़ी पर कि टीम को मुश्किल परिस्थिति से निकालेंगे, लेकिन हुआ बिलकुल उल्टा. सुरेश रैना 1 रन बनाकर ईश सोढ़ी का शिकार बने. फैंस का दिल तब टूटा जब 5वें नंबर पर बैटिंग करने आए युवराज सिंह भी 4 रन बनाकर नाथन मैकुलम की गेंद पर आउट हो गए. 5वां ओवर खत्म होते-होते भारत का स्कोर 26/4 था.
कोहली-धोनी से थी उम्मीद लेकिन...
लगातार गिरते विकेटों के बीच विराट कोहली एक छोर संभालने की कोशिश कर रहे थे. युवराज के जाने के बाद कप्तान एमएस धोनी बल्लेबाजी के लिए आए. हर किसी को उम्मीद थी कि अब तो कुछ कमाल होगा और भारत यहां से जीत को ओर अग्रसर होगा. लेकिन पारी का आठवां ओवर लेकर आए ईश सोढ़ी ने विराट कोहली का बड़ा विकेट लेकर भारत को सबसे बड़ा झटका दिया. कोहली 23 रन बनाकर चलते बने. अब सबकी निगाहें 'मिस्टर फिनिशर' धोनी पर थीं. धोनी को साथ थी तो बस उस एक साथी की जो दूसरी ओर खड़ा रहे और विकेट न गिरने दे, लेकिन कीवी गेंदबाज इस कदर हावी थे कि बल्लेबाजों के आने-जाने का सिलसिला जारी था.
माही का विकेट और...
कोहली के बाद धोनी का साथ देने हार्दिक पांड्या आए और 1 रन बनाकर चलते बने. रवींद्र जडेजा का तो खाता तक नहीं खुला. धोनी और रविचंद्रन अश्विन के बीच छोटी सी साझेदारी ने जीत की उम्मीदें जगाईं ही थीं कि सोढ़ी ने एक और विकेट ले लिया. जाने की बारी थी अश्विन की, जो 10 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे. अब सबकी नजरें माही पर टिक गईं. लेकिन धोनी के विकेट के साथ फैंस की उम्मीदें भी धराशयी हो गईं. धोनी को 30 रन के निजी स्कोर पर मिचेल सैंटनर ने मैकुलम के हाथों लपकवा दिया. बचा हुआ आखिरी विकेट आशीष नेहरा के रूप में एडम मिल्ने ने लिया. धुरंधरों से भरी टीम इंडिया 79 रन पर ढेर हो गई. यह भारत का टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे छोटा टोटल है.
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