केवल एक ही बार टेस्ट के आखिरी दिन बने हैं 400 से ज्यादा रन, टीम इंडिया को रचना होगा नया इतिहास
भारतीय टीम को गुवाहाटी टेस्ट के पांचवें दिन इतने रन बनाने हैं, जितने इससे पहले कभी आखिरी दिन चेज हुए ही नहीं हैं। यानी टीम इंडिया को इतिहास रचने की जरूरत है।
भारतीय क्रिकेट टीम के सामने साउथ अफ्रीका ने ऐसा लक्ष्य रख दिया है, जो करीब करीब असंभव है। हालांकि अगर क्रिकेट के रिकॉर्ड्स को खंगाला जाए तो पता चलता है कि टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में अब तक केवल एक ही बार ऐसा हुआ है, जब किसी टीम ने मैच के आखिरी दिन 400 से अधिक का टारगेट चेज किया है। लेकिन दिक्कत ये है कि भारतीय टीम को तो नया इतिहास लिखना होगा, क्योंकि टारगेट पिछली बार से भी कहीं ज्यादा है।
साल 1948 में चेज हुए थे टेस्ट के आखिरी दिन 400 से अधिक रन
टेस्ट क्रिकेट के आखिरी यानी पांचवें दिन रन बनाना किसी भी टीम के लिए काफी ज्यादा मुश्किल होता है। 300 प्लस रन का लक्ष्य भी काफी बड़ा माना जाता है। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में मैच के पांचवें दिन 400 से अधिक रन अब तक केवल एक ही बार बने थे। साल 1948 में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड की ओर से दिए गए 404 रनों का लक्ष्य तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया था। तब से लेकर अब तक कभी 400 रन टेस्ट के आखिरी दिन नहीं बने हैं।
टीम इंडिया को अभी जीत के लिए चाहिए 522 रन
भारतीय टीम के सामने साउथ अफ्रीका ने आखिरी पारी में 549 रनों का लक्ष्य रखा है। जब चौथे दिन का खेल खत्म हुआ, तब तक टीम इंडिया दो विकेट खोकर 27 रन बना चुकी थी। इस वक्त कुलदीप यादव और साई सुदर्शन क्रीज पर बने हुए हैं। भारत को अभी भी जीत के लिए 522 रन चाहिए। यानी जो विश्व रिकॉर्ड है, उससे भी 100 रन से भी ज्यादा रन भारतीय टीम को बनाने का लक्ष्य है। जो करीब करीब असंभव है। वैसे तो क्रिकेट में रिकॉर्ड बनते बिगड़ते रहते हैं, लेकिन टीम इंडिया आखिरी दिन आठ विकेट हाथ में लेकर इतने रन बना देगी, ये करीब करीब असंभव सी बात है।
अब इस मैच के दो ही रिजल्ट संभव
अब मोटे तौर पर माना जाना चाहिए कि इस मैच के दो ही रिजल्ट संभव हैं। पहला तो ये कि टीम इंडिया इस मैच को हरा जाए और दूसरा मैच ड्रॉ हो जाए। लेकिन ड्रॉ के लिए भी टीम इंडिया को आखिरी दिन बहुत ज्यादा मेहनत करनी होगी। भारत के पास अब केवल आठ ही विकेट बचे हुए हैं। दोनों सलामी बल्लेबाज यानी यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल आउट होकर वापस जा चुके हैं। अब बचे हुए बल्लेबाज कितनी देर तक पिच पर टिक पाएंगे, कहना मुश्किल है। जब आखिरी दिन का खेल शुरू होगा तो बॉल स्पिन भी होगी, जैसा ही भारत में होता ही है। ऐसे में टीम इंडिया के लिए पूरा दिन निकाल पाना काफी ज्यादा मुश्किल काम होगा।
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