क्या आ गई UP पर बड़े फैसले की आखिरी घड़ी? 3 दिन दिल्ली में रहेंगे CM योगी, पीएम मोदी-शाह-नड्डा से खास मुलाकात

लखनऊ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की एक बैठक में मौजूदगी के बाद शुक्रवार को ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पहुंच जाएंगे. अपने तीन दिवसीय दिल्ली दौरे में सीएम योगी 27 जुलाई को नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल की बैठक में हिस्सा लेंगे. इसी बीच यूपी के दोनों डिप्टी सीएम बृजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह भी दिल्ली पहुंचेंगे.

Jul 26, 2024 - 20:03
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क्या आ गई UP पर बड़े फैसले की आखिरी घड़ी? 3 दिन दिल्ली में रहेंगे CM योगी, पीएम मोदी-शाह-नड्डा से खास मुलाकात

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पावर कॉरिडोर में चर्चा है कि उत्तर प्रदेश में बड़े सियासी फैसले की आखिरी घड़ी शायद नजदीक आ गई है. क्योंकि इस वीकेंड को दिल्ली में यूपी सरकार और भाजपा संगठन की तमाम दिग्गज मौजूद रहने वाले हैं. शुक्रवार शाम को ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी तीन दिनों की यात्रा पर दिल्ली पहुंच जाएंगे.

पीएम मोदी-शाह-नड्डा से मिलेंगे सीएम योगी आदित्यनाथ

अगले दिन 27 जुलाई शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ दिल्ली में नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल की बैठक में हिस्सा लेंगे. सूत्रों की मानें तो देर शाम सीएम योगी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात कर सकते हैं. सीएम योगी यूपी के सभी मंडलों के विधायकों, एमएलसी और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात के बाद तैयार स्पेशल रिपोर्ट को जेपी नड्डा के सामने रख सकते हैं. इसके बाद पीएम मोदी और अमित शाह से भी उनकी मुलाकात की संभावना है

क्या सिर्फ केंद्रीय बजट और यूपी के विकास पर ही चर्चा? 

सीएम योगी की दिल्ली यात्रा में बजट और उत्तर प्रदेश के विकास पर चर्चा के अलावा भाजपा आलाकमान के साथ मुलाकातों को लेकर सियासी कयास जोड़ पकड़ने लगे हैं. चर्चा इसलिए भी तेज हो रही है कि यूपी के दोनों डिप्टी सीएम बृजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी भी इसी बीच दिल्ली में रहेंगे. धर्मपाल सिंह भाजपा संगठन महामंत्रियों की बैठक के लिए पहले ही दिल्ली आ चुके थे. 

उपचुनाव और विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बड़े फैसले

केशव प्रसाद मौर्य और भूपेंद्र चौधरी इसके कुछ दिनों पहले भी दिल्ली का दौरा और आलाकमान से मुलाकात कर चुके हैं. लखनऊ में 14 जुलाई को भाजपा प्रदेश कार्यमसिति की बैठक के बाद से ही अंदरखाने की सियासत सरगर्म हो गई है. प्रमुख नेताओं के अलग-अलग सुर सामने आने लगे हैं. यूपी में सबसे ज्यादा 10 सीटों पर एक साथ होने जा रहे विधानसभा उपचुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के शीर्ष नेता इस आंतरिक मसले को सुलझा लेना चाहते हैं.

लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे से यूपी भाजपा में कलह

लोकसभा चुनाव 2024 में उत्तर प्रदेश में भाजपा की उम्मीदों के मुताबिक नतीजे नहीं आने के बाद से ही घूमाफिरा कर सीएम योगी आदित्यनाथ को निशाना बनाए जाने की शुरुआत हो गई थी. इसके बाद सीएम योगी ने खुद आगे बढ़कर मंडलवार दौरे कर करीब 200 मौजूदा और पूर्व विधायकों, विधान परिषद सदस्यों और सांसदों से मुलाकात की. इसके अलावा कुछ महत्वपूर्ण नेताओं-कार्यकर्ताओं से भी बात की और फीडबैक लिया था.

यूपी में संगठन और सरकार के बीच असहमति की बहस

यूपी में संगठन और सरकार के बीच असहमतियों की हवा के बीच माना जा रहा है कि सीएम योगी दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व के सामने अपना पक्ष रख सकते हैं. इससे पहले उन्होंने अति आत्मविश्वास को यूपी में बुरे प्रदर्शन की एक वजह करार दिया था. वहीं, केशव प्रसाद मौर्य ने संगठन सरकार से बड़ा है और कार्यकर्ताओं के दर्द जैसी बात कहकर नई बहस छेड़ दी थी. इसके बाद यूपी भाजपा के भीतर सब कुछ सही नहीं है और आपसी कलह जैसे कई सियासी कयास लगाए जाने लगे थे.

यूपी भाजपा में अध्यक्ष समेत कई बदलाव की बढ़ी गुंजाइश

भूपेंद्र चौधरी ने हार की जिम्मेदारी लेते हुए यूपी भाजपा अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश भी कर दी थी. केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक सीएम योगी की समीक्षा बैठकों में नहीं दिखे. सीएम योगी ने उपचुनावों की तैयारी के लिए जो टीम बनाई उसमें भी दोनों डिप्टी सीएम शामिल नहीं थे. लखनऊ की बातें दिल्ली तक भी पहुंची और अब यूपी के सारे दिग्गज एक साथ शीर्ष नेतृत्व के पास पहुंच चुके हैं. चर्चा है कि इस दौरान यूपी में भाजपा अध्यक्ष समेत संगठन में कई बदलाव सामने आ सकते हैं.

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