क्या आप जानते हैं कि सभी ईसाई एक ही दिन क्रिसमस नहीं मनाते हैं? ऐसे 10 चौंकाने वाले Facts

जब साल का अंत करीब आता है, तो दुनिया भर के लाखों लोग चमचमाती सजावट, रंग-बिरगी बत्तियां, स्वादिष्ट खाने, खुशमिजाज संगीत, मजेदार चुटकुले और रोमांचक तोहफों का इंतजार करते हैं.

Dec 24, 2024 - 19:38
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क्या आप जानते हैं कि सभी ईसाई एक ही दिन क्रिसमस नहीं मनाते हैं? ऐसे 10 चौंकाने वाले Facts

जब साल का अंत करीब आता है, तो दुनिया भर के लाखों लोग चमचमाती सजावट, रंग-बिरगी बत्तियां, स्वादिष्ट खाने, खुशमिजाज संगीत, मजेदार चुटकुले और रोमांचक तोहफों का इंतजार करते हैं. जी हां, क्योंकि क्रिसमस आ चुका है. लेकिन क्या आप इस सुपर-फन छुट्टी के बारे में सब कुछ जानते हैं? तो चलिए, जानते हैं क्रिसमस के बारे में 10 दिलचस्प तथ्य.

क्रिसमस का अलग दिन: 

क्या आप जानते हैं कि सभी ईसाई एक ही दिन क्रिसमस नहीं मनाते? रूस, यूक्रेन और रोमानिया जैसे देशों में जहां बड़े संख्या में ऑर्थोडॉक्स ईसाई रहते हैं, वहां क्रिसमस 7 जनवरी को मनाया जाता है. कुछ ग्रीक ऑर्थोडॉक्स भी क्रिसमस 7 जनवरी को मनाते हैं.

क्रिसमस का त्योहार:

क्रिसमस एक ईसाई पर्व है, जो यीशु मसीह के जन्म का उत्सव है, जिन्हें ईसाई भगवान के बेटे के रूप में मानते हैं. यह पर्व हर साल 25 दिसंबर को मनाया जाता है, जो रोमन कैथोलिक चर्च द्वारा यीशु के जन्मदिन के रूप में चुना गया था. हालांकि, असल में कोई नहीं जानता कि यीशु का जन्म ठीक किस दिन हुआ था.

क्रिसमस और Xmas:

‘क्रिसमस’ नाम पुरानी अंग्रेजी शब्द 'Cristes maesse' से आया है, जिसका मतलब है ‘क्राइस्ट का मास’. लेकिन ‘Xmas’ का क्या? बहुत से लोग सोचते हैं कि यह एक आधुनिक संक्षिप्त रूप है, लेकिन यह 16वीं सदी से है. ‘X’ ग्रीक अक्षर ‘Chi’ का प्रतीक है, जो क्राइस्ट के ग्रीक शब्द ‘Χριστός’ (Christos) का पहला अक्षर है.

विक्टोरियन युग की क्रिसमस परंपराएं: 

क्रिसमस के जश्न का आनंद दुनिया भर में लिया जाता है, और UK में विक्टोरियन युग में कई परंपराएं स्थापित हुईं, जैसे कि क्रिसमस कार्ड, उपहार देना, क्रैकर्स और पारंपरिक भोजन जैसे मिन्स पाई और रोस्ट टर्की. रानी विक्टोरिया और उनके पति प्रिंस अल्बर्ट क्रिसमस के बहुत बड़े प्रशंसक थे.

क्रिसमस ट्री: 

क्रिसमस ट्री की परंपरा विक्टोरियन ब्रिटेन में लोकप्रिय हुई, लेकिन यह पहली बार 16वीं सदी के जर्मनी में देखी गई, जहां लोग क्रिसमस के समय देवदार के पेड़ों को फल, मेवे, मिठाई और कागज़ की आकृतियों से सजाते थे. हैरानी की बात यह है कि इतिहासकारों का मानना है कि यह परंपरा रोमन और प्राचीन मिस्रवासियों से आई हो सकती है, जिन्होंने हमेशा जीवन के प्रतीक के रूप में हरे-भरे पौधों का इस्तेमाल किया.

नॉर्वे से विशेष उपहार: 

हर साल, नॉर्वे एक शानदार क्रिसमस ट्री लंदन भेजता है, जो ट्रैफलगर स्क्वायर में सजाया जाता है. यह 20 मीटर ऊंचा पेड़ द्वितीय विश्व युद्ध में ब्रिटेन द्वारा नॉर्वे की मदद के रूप में एक उपहार है.

सांता क्लॉस का नाम: 

क्या आपने कभी सोचा कि सांता क्लॉस को ये नाम कैसे मिला? यह नाम 'Sinterklaas' से आया है, जो डच भाषा में 'सेंट निकोलस' का मतलब होता है. सेंट निकोलस चौथी सदी के एक ईसाई बिशप थे, जो अपनी दयालुता और उदारता के लिए प्रसिद्ध थे और बच्चों के संरक्षक संत माने जाते हैं.

अलग-अलग देशों में क्रिसमस कैरेक्टर: 

सांता क्लॉस के अलावा दुनिया भर में और भी कई क्रिसमस कैरेक्टर हैं. उदाहरण के लिए, इटली में 'ला बिफाना' नामक एक दयालु जादूई महिला बच्चों को उपहार देती है, जबकि आइसलैंड में बच्चों को 13 शरारती ट्रोल्स ‘यूल लाड्स’ से उपहार मिलते हैं.

जिंगल बेल्स: 

हम सभी ‘जिंगल बेल्स’ गाने को पसंद करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि इस गाने में क्रिसमस, यीशु या सांता क्लॉस का कोई जिक्र नहीं होता? दरअसल, यह गाना असल में क्रिसमस का गाना नहीं था. इसे 1850 में 'One Horse Open Sleigh' के नाम से लिखा गया था और यह अमेरिकी धन्यवाद दिवस के लिए था.

क्रिसमस का प्रतिबंध: 

कल्पना करें अगर क्रिसमस न होता. यह अजीब लगेगा, है ना? लेकिन यकीन मानिए, 1644 में इंग्लैंड में क्रिसमस मनाना अवैध कर दिया गया था. इसके बाद, यह प्रतिबंध अंग्रेजी उपनिवेशों में भी लागू किया गया. लेकिन लगभग 20 साल बाद क्रिसमस फिर से वैध हो गया.

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