क्या है 'ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू', जो पुतिन ने PM मोदी को दिया, समझिए इसकी अहमियत
ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू एपोस्टल की शुरुआत 1698 में जार पीट द ग्रेट ने की थी. रूस के संरक्षक संत एंड्रयू के सम्मान में इसे शुरू किया गया था. यह सम्मान खास तौर पर असाधारण सेवा करने वाले नागरिक और सैन्य सेवा के लिए दिया जाता है.
पीएम नरेंद्र मोदी को रूस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू एपोस्टल द फर्स्ट-कॉल्ड से नवाजा गया है. यह सम्मान 326 साल पुराना है. रूस ने साल 2019 में पीएम मोदी को यह सम्मान देने की घोषणा की थी. भारत और रूस के बीच रणनीति साझेदारी और दोस्ताना संबंधों को और ज्यादा मजबूत करने में पीएम मोदी के योगदान के लिए उनको यह पुरस्कार दिया गया है
ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू एपोस्टल की शुरुआत 1698 में जार पीट द ग्रेट ने की थी. रूस के संरक्षक संत एंड्रयू के सम्मान में इसे शुरू किया गया था. यह सम्मान खास तौर पर असाधारण सेवा करने वाले नागरिक और सैन्य सेवा के लिए दिया जाता है.
क्यों खास है ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू
यह पुरस्कार एक माला के रूप में होता है, जिसमें एक नीला सैश, सेंट एंड्रयू के क्रॉस वाला बैज और छाती पर पहने जाने वाला एक सितारा होता है. पीएम मोदी ने यह सम्मान हासिल करने के बाद 'एक्स' पर लिखा, 'ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोसल पुरस्कार हासिल करके सम्मानित महसूस कर रहा हूं. मैं इसे भारत की जनता को समर्पित करता हूं.'
#WATCH | Russian President Vladimir Putin confers Russia's highest civilian honour, the Order of St Andrew the Apostle on Prime Minister Narendra Modi.
The Russian President says, "Dear friend, from the bottom of my heart, I would like to congratulate you for this highest… pic.twitter.com/Uxdgz7PqQV — ANI (@ANI) July 9, 2024
वहीं बैज में सेंट एंड्रयू का गोल्डन क्रॉस है, जिस पर एक्स के शेप वाले क्रॉस में ईसा मसीह की तस्वीर है. रूसी क्रांति के बाद इस सम्मान को साल 1917 में खत्म कर दिया गया था. लेकिन सोवियत काल के बाद इसे फिर से दिया जाने लगा.
पीएम मोदी को यह सम्मान देते हुए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, 'मेरे दोस्त, मैं तहे दिल से आपको इस सर्वोच्च रूसी पुरस्कार के लिए बधाई देता हूं और आपके अच्छे स्वास्थ्य, सफलता और शुभकामनाओं की कामना करता हूं. भारत के मैत्रीपूर्ण लोगों के लिए मैं शांति और समृद्धि की कामना करता हूं.'
दो दिन के रूस दौरे पर पहुंचे हैं पीएम मोदी
पीएम मोदी दो दिन के दौरे पर सोमवार को रूस पहुंचे थे. उन्होंने इस दौरान पुतिन के साथ कई अहम मुद्दों पर बातचीत की. पीएम मोदी ने पुतिन से कहा कि बम, बंदूकों और गोलियों के बीच शांति वार्ता सफल नहीं होती और किसी संघर्ष का कोई समाधान युद्धक्षेत्र में संभव नहीं है. दोनों नेताओं ने यूक्रेन संघर्ष को लेकर बातचीत की. मोदी ने पुतिन और वैश्विक समुदाय को आश्वासन दिया कि भारत शांति के पक्ष में है और यूक्रेन में संघर्ष खत्म करने में योगदान करने को तैयार है.
मोदी ने कहा, ‘‘अगर लोगों की जान जाती है तो मानवता में विश्वास करने वाला हर व्यक्ति दुखी होता है. उस पर भी अगर बेगुनाह बच्चों की हत्या हो, निर्दोष बच्चे मरें तो यह हृदय-विदारक और बहुत पीड़ादायी होता है. कल हमारी बैठक में हमने यूक्रेन के मुद्दे पर एक दूसरे के विचारों को सुना और मैंने आपके सामने शांति और स्थिरता पर ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं को भी रखा.'
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