चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में BJP ने लहराया परचम, AAP- कांग्रेस क्यों पिछड़ीं? सामने आई बड़ी वजह!

पिछले तीन साल इन चुनावों में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने गठबंधन किया था. मगर इस बार दोनों दलों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा जिससे बीजेपी की जीत आसान हो गई.

Jan 29, 2026 - 20:38
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चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में BJP ने लहराया परचम, AAP- कांग्रेस क्यों पिछड़ीं? सामने आई बड़ी वजह!

चंडीगढ़ नगर निगम में बीजेपी ने मेयर समेत तीनों पदों पर परचम लहरा दिया है. भारतीय जनता पार्टी ने मेयर, सीनियर डेप्युटी मेयर और डेप्युटी मेयर पर गुरुवार (29 जनवरी) को हुए चुनावों में जीत हासिल की है. इस जीत को लेकर बड़ी वजह सामने आई है.

दरअसल, पिछले तीन साल इन चुनावों में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने गठबंधन किया था. मगर इस बार दोनों दलों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा जिससे बीजेपी की जीत आसान हो गई. इन चुनावों में आने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों की छाप साफ नजर आई जिसके चलते आम आदमी पार्टी और कांग्रेस में गठबंधन नहीं हुआ क्योंकि पंजाब में दोनों पार्टियां एक दूसरे के विरोध में हैं. 

इन लोगों ने जीता नगर निगम का चुनाव

बीजेपी के सौरभ जोशी मेयर चुने गए जबकि जसमनप्रीत सिंह सीनियर डिप्टी मेयर और सुमन डेप्युटी मेयर चुनी गईं. तीनों पदों पर बीजेपी को 18 और आम आदमी पार्टी को 11 वोट मिले हैं. मेयर पद पर कांग्रेस के गुरप्रीत गाबी को 7 वोट मिले, जिसमें एक वोट चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी का है. 

हाथ खड़े करवाकर पार्षदों से पूछा समर्थन

इस बार के चुनाव में हाथ खड़े करवाकर पार्षदों से पूछा गया कि वे किसका समर्थन कर रहे हैं और फिर उनसे दस्तखत करवाए गए. क्योंकि चुनाव हाथ खड़े करके हुए इसलिए कोई क्रॉस वोटिंग भी नहीं हुई. जिस पार्टी के जितने वोट थे उतने ही उनके प्रत्याशी को मिले हैं.

चुनाव के बाद बाहर गए कांग्रेस पार्षद

हालांकि मेयर चुनाव होने के बाद कांग्रेस के पार्षद नगर निगम हाउस से बाहर चले गए जिसके चलते सीनियर डेप्युटी मेयर और डेप्युटी मेयर पर सिर्फ दो ही प्रत्याशियों के लिए हाथ खड़े कर के पार्षदों ने वोट डाले. डेप्युटी मेयर पद पर आम आदमी पार्टी से बागी होकर नामांकन भरने वाले पार्षद राम चंद्र यादव ने चुनाव से पहले ही अपना नामांकन वापिस ले लिया और पार्टी के प्रत्याशी के पक्ष में वोट डाला

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