चश्मा अगर विदेशी है तो संविधान में भारतीयता नहीं दिखेगी... संसद में अमित शाह ने विपक्ष को धो डाला!

राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए सदन के जरिए देश की जनता को भारत के इतिहास में तारीख दर तारीख हुए संविधान संशोधनों के बारे में बोलते हुए विपक्ष को बुरी तरह धो डाला.

Dec 17, 2024 - 19:33
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चश्मा अगर विदेशी है तो संविधान में भारतीयता नहीं दिखेगी... संसद में अमित शाह ने विपक्ष को धो डाला!

राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए सदन के जरिए देश की जनता को भारत के इतिहास में तारीख दर तारीख हुए संविधान संशोधनों के बारे में बोलते हुए विपक्ष को बुरी तरह धो डाला. अमित शाह ने कहा, 'कांग्रेस ने 55 साल 78 बार संविधान संशोधन किया, वो अपने एक परिवार की भलाई के लिए किया. शाह ने कांग्रेस पार्टी के चार संविधान संशोधन और बीजेपी के चार संविधान संशोधन का उदाहरण देकर कांग्रेस के संविधान संशोधन को देश की जनता के अधिकारों का दोहन और लोकतंत्र का गला घोटने वाला कदम करार दिया.

कांग्रेस के चार संशोधन बनाम बीजेपी के चार संशोधन

शाह ने कहा, '16 साल में हमने 22 बदलाव किए. 6 साल अटल बिहारी बाजपेई जी की सरकार के और 10 साल मोदी सरकार के अभी मोदी जी का तीसरा कार्यकाल चल रहा है, पांच साल हम और काम करेंगे तो देश की दशा बदल लेंगे. जनता को उसका जायज हक हम दिलवाएंगे. देश को गुलामी की मानसिकता से आजाद कराने के लिए हमने काम किया और आगे भी करेंगे.

कांग्रेस ने घोटा संविधान की प्रस्तावना का गला: शाह 

शाह ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकार ब्रिटेन की रानी की घड़ी के हिसाब से शाम को बजट पेश करती थी. ये सब गुलामी की मानसिकता को दिखाता था. हमने अंग्रेजों के बनाए कानून बदलकर सारे मिथक तोड़ डाले. 1947 से लेकर 2024 तक अगर देश की किसी एक पार्टी ने संविधान को लहराकर झूठ बोलकर चुनाव जीतने की कोशिश का पाप किया तो वो केवल कांग्रेस ने किया.

19A - अभिव्यक्ति की आजादी को कर्टेल करने के लिए कांग्रेस ने पहला संविधान संशोधन किया.

24वां संशोधन इंदिरा गांधी ने किया- 5 नवंबर 1971 में संविधान संशोधन के माध्यम से संसद को. इसके जरिए उन्होंने नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन करने का इंतजाम कर दिया.

39वां संविधान संशोधन- 10 अगस्त 1975 का वो दिन संविधान के इतिहास में जब भी इसका जिक्र होगा, काले अक्षरों में होगा. इंदिरा गांधी के चुनाव को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अमान्य घोषित कर दिया. उस समय निरस्त कर दिया तो उन्होंने संशोधन करके प्रधानमंत्री की न्यायिक जांच पर प्रतिबंध लगा दिया. पुराना मुकदमा है तो वो भी खारिज हो जाएगा. संविधान में ऐसे ऐसे संशोधन किए कि जनता ये सब जानकर कांग्रेस की नियत पर सवाल उठा रही है. अब ये लोग संविधान की किताब लेकर हमपर झूठे आरोप लगा रहे हैं कि हम संविधान बदल देंगे. 

शाह ने कहा, ' अध्यक्ष जी, इन्होंने तो यहां तक संविधान संशोधन किया कि अगर लोकसभा और राज्यसभा में कोरम नहीं है तो भी काम चला लेंगे.'

इसके बाद राज्यसभा में कांग्रेस नेता खरगे ने विरोध किया तो अमित शाह ने कहा, 'खरगे जी जब किया है तो सुनना पड़ेगा. राष्ट्रपति शाषन की अवधि इन्होंने 6 महीने की अवधि तक बढ़ा दी . इनके ये चार संविधान संसोधन कांग्रेस का चरित्र बताते हैं'.

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शाह ने कहा, 'इनके संशोधनों को आगे निरस्त किया गया. किसी को जनता पार्टी की सरकार ने निरस्त किया. ये चार संशोधन जो इन्होंने किया कि एक संशोधन में हम पर (कांग्रेस नेताओं) पर केस न हो दूसरे में हम (कांग्रेस नेता) हार जाएं तो भी काम करेंगे. तीसरे में हमारी (कांग्रेस नेताओं की) मनमर्जी चलेगी. चौथए में जरूरत पड़ेगी तो नागरिकों के अधिकारों का हनन कर देंगे.'

अमित शाह ने आगे कहा, अब हम बीजेपी सरकार के चार संविधान संशोधन देखिए - पहला बड़ा संविधान संशोधन हमने जीएसटी एक देश एक टैक्स लाने के लिए किया.

दूसरा संविधान संशोधन - पिछली जातियों के कल्याण के लिए किया.

तीसरा संविधान संशोधन- गरीब जाति को 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए किया.

चौथा संविधान संधोधन से लेकर हमने 2024 तक जो भी किया वो देश की आधी आबादी को उसका हक देने के लिए यानी नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लाने के लिए किया.

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