चीन से कनेक्शन पर दिल में इंडिया... वोट देने जा रहे भारत के चाइनाटाउन की कहानी
कोलकाता में लोकसभा चुनाव के लिए वोटिंग होने वाली है. यहां के चाइनाटाउन इलाके में भी काफी हलचल है. चीनी मूल के लोग वोट देने को लेकर उत्साहित हैं. वे कई दशकों से यहां रह रहे हैं. चीनी मूल के लोग कहते हैं कि हम चाहते हैं कि भारत हर जगह कामयाब हो. हम इंडियन आर्मी के साथ हैं.
क्या आप जानते हैं अपने देश में भी एक 'मिनी चीन' बसता है? जी हां, कोलकाता में ऐसे परिवार हैं जो मूल रूप से चीन से ताल्लुक रखते हैं. उनके पूर्वज दशकों पहले चीन से आकर भारतीय संस्कृति में रच-बस गए. अब वे भारत के वोटर हैं और इस बार भी लोकसभा चुनाव को लेकर काफी उत्साहित हैं. जिस तरह दूसरे भारतीय बॉर्डर पर माहौल बिगड़ने पर अपनी सेना के सपोर्ट में खड़े होते हैं, उसी तरह ये चीनी मूल के लोग भी चाहते हैं कि भारत हर हाल में जीते.
लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में कोलकाता में वोटिंग होनी है. दशकों से शहर में रह रहे चीनी मूल के भारतीय भी चुनावी प्रक्रिया में भाग लेंगे. इनमें से कुछ लोग तो यहीं पैदा हुए हैं. अब उनके लिए भारत ही सब कुछ है. वे भारत की संस्कृति को अपनाकर ही बड़े हुए.
चीनी मूल के लोगों की मौजूदगी टिरेट्टा बाजार में काफी दिखाई देती है. इसे ओल्ड चाइनाटाउन के तौर पर भी जाना जाता है. यह 200 साल से अस्तित्व में है. कोलकाता के तंगरा क्षेत्र में भी यह समूह रहता है. टिरेट्टा बाजार कोलकाता नॉर्थ और तंगरा कोलकाता साउथ में है. दोनों सीटों पर 1 जून को मतदान होना है.
बताते हैं कि एक समय इनकी आबादी 20,000 के करीब थी. अब इन इलाकों में 2000 लोग रहते हैं. कई लोग दूसरे शहरों में चले गए और कुछ विदेश में बस गए.
मुझे भारतीय होने पर गर्व
टिरेट्टा बाजार में रहने वाले 67 साल के अखालु ने बताया, 'मैं यहीं पैदा हुआ. एक भारतीय के रूप में मुझे गर्व है. हम हमेशा भारत का समर्थन करते हैं. हम भारतीय सेना और पुलिस का सपोर्ट करते हैं. हम भारत के लोगों का सम्मान करते हैं. हम भारतीय हैं और जरूरत के समय हम भारतीय सेना के साथ खड़े रहेंगे. हम चाहते हैं कि भारत हर जगह कामयाब हो.'
चाइना टाउन में रहने वाले 62 साल के सिनयुआनचू ने कहा कि उन्हें भारत का नागरिक होने पर गर्व है. उन्होंने कहा कि हम भारतीय हैं और हमें इस देश और इसकी संस्कृति से प्यार है.
फ्रांसिन लियू बताते हैं कि कभी ईस्ट इंडिया कंपनी उनके पूर्वजों को शुगर मिल में काम कराने के लिए कोलकाता लाई थी. ये लोग चीनी रेस्तरां भी चलाते हैं. सभी खुश हैं और घुल मिलकर साथ रहते हैं.
साभार