चुनाव से पहले BJP को एक और बड़ा झटका, सिंधिया के समर्थक रहे विधायक वीरेंद्र रघुवंशी ने छोड़ी पार्टी
प्रदेश विधानसभा चुनाव (mp elections 2023) से पहले एक बार फिर BJP के तगड़ा झटका लगा है
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव (mp elections 2023) से पहले एक बार फिर BJP के तगड़ा झटका लगा है. पार्टी में मची अंतर कलह खुलकर सामने आने लगी है. गुरुवार को BJP के एक और विधायक ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है.
गुरुवार सुबह-सुबह मध्य प्रदेश BJP को तगड़ा झटका लगा है. कुछ ही दिनों में प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के नेताओं के बीच मनमुटाव और नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है. आज शिवपुरी जिले की कोलारस विधानसभा सीट से विधायक वीरेंद्र रघुवंशी ने BJP से इस्तीफा दे दिया है. इसके बाद सियासी गलियारों में चर्चाएं होने लगी हैं कि अब वे कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं.
CM शिवराज पर लगाए आरोप: शिवपुरी के कोलारस से विधायक वीरेंद्र रघुवंशी ने पार्टी से इस्तीफा देते हुए CM शिवराज पर सुनवाई नहीं करने का आरोप लगाया है. उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज और पार्टी की बैठकों में पार्टी हित पर चर्चा नहीं करने और भ्रष्ट मंत्रियों को बचाने का भी आरोप लगाया है. साथ ही कहा कि अपने क्षेत्र में लगातार भ्रष्ट अफसरों की पोस्टिंग से वे बहुत आहत हैं.
BJP से इस्तीफा देने के बाद वीरेंद्र रघुवंशी को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं हो रही हैं. माना जा रहा है कि वे एक बार फिर से कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं. उन्होंने गुरुवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी से इस्तीफा दिया और अपनी बातें सबके सामने रखीं.
वीरेंद्र रघुवंशी कभी सिंधिया समर्थक भी रहे हैं. वे पहले कांग्रेस में थे. 2007 में वे कोलारस विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीते भी थे, लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया से अनबन के बाद उन्होंने BJP ज्वाइन कर ली थी. साल 2018 विधानसभा चुनाव में BJP ने उन्हें टिकट दिया और वे जीते थे.
मध्य प्रदेश BJP को चुनाव से पहले लगातार एक के बाद एक झटके मिल रहे हैं. पहले दीपक जोशी और फिर ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक समंदर पटेल ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया. पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे और BJP से तीन बार विधायक रहे दीपक जोशी मालवा क्षेत्र से BJP के लिए बड़ा चेहरा थे. वे भी कुछ समय पहले कांग्रेस में शामिल हो गए. वहीं, नीमच जिले की जावद विधानसभा सीट से विधायक और कट्टर सिंधिया समर्थक समंदर पटेल एक काफिले के साथ भोपाल पहुंचे थे और इस्तीफा सौंपा था.