चुनाव से पहले MP में संघ प्रमुख, गरमाई प्रदेश की सियासत, जानें क्या हैं मायने?

लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मध्य प्रदेश में होने जा रही RSS की बैठक को लेकर सियासत शुरू हो गई है. संघ प्रमुख 6 फरवरी को एमपी आ रहे हैं. वे उज्जैन और मुरैना में होने वाली बैठकों में हिस्सा लेंगे. इस तरह कई मु्द्दों पर चर्चा हो सकती है.

Feb 4, 2024 - 15:43
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चुनाव से पहले MP में संघ प्रमुख, गरमाई प्रदेश की सियासत, जानें क्या हैं मायने?

लोकसभा चुनाव से पहले संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत 6 फरवरी को मध्य प्रदेश आ रहे हैं. वे उज्जैन और मुरैना में संघ की बैठकों में शामिल होंगे. संघ की सक्रियता से प्रदेश की सियासत गरमा गई है. डॉ मोहन भागवत तीन दिन उज्जैन में रहेंगे. यहां वे सम्राट विक्रमादित्य भवन में होने वाली बैठक में शामिल होंगे. इसके बाद 9 फरवरी से 11 फरवरी तक मुरैना में रहेंगे. यहां वे मध्य भारत प्रांत के प्रचारकों की बैठक में मार्गदर्शन देंगे. 

सूत्रों की मानें तो 6 दिन तक चलने वाली बैठक में संगठन और सियासत से जुड़े कई मामलों पर मंथन के साथ महत्वपूर्ण मुद्दे पर निर्णय लिए जाएंगे. मध्य प्रदेश में होने वाली इस बैठक को सियासी लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बैठक में संघ प्रमुख सहित सरकार्यवाहक दत्तात्रेय होसबाले, सह सरकार्यवाह डॉक्टर कृष्ण गोपाल, डॉक्टर मनमोहन वैद्य, रामदत्त चक्रधर जैसे बड़े पदाधिकारी शामिल होंगे.

क्या हैं सियासी मायने?

लोकसभा चुनाव अप्रैल तक संभावित है और ऐसे में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बैठक कई मायने में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. मध्य प्रदेश में 29 लोकसभा सीटे हैं. 2019 में 28 पर बीजेपी ने जीत दर्ज की थी. कांग्रेस के पास सिर्फ एक लोकसभा की सीट है. बीजेपी पर आगामी विधानसभा चुनाव में पिछली जीत के रिकॉर्ड को बरकरार रखने की बड़ी चुनौती होगी.

एमपी का सियासी पारा हाई

आरएसएस की बैठक को लेकर कांग्रेस ने संघ पर निशाना साधा है. कांग्रेस नेता जेपी धनोपिया ने कहा कि आरएसएस कंबल ओढ़ कर घी पीने वाली संस्था है. जनता समझ गई है कि आरएसएस बीजेपी के लिए काम करती है. बीजेपी की इमेज इतनी खराब कि संघ की ट्रेनिंग भी अब काम नहीं आएगी. इधर, भाजपा प्रवक्ता सत्येंद्र जैन ने कांग्रेस के आरोपों के जवाब में कहा कि इस तरह के संगठन राष्ट्र निर्माण करने का काम करते हैं. कांग्रेस सेवा दल निष्क्रिय रहता है. इसलिए जो राष्ट्र निर्माण के लिए काम कर रहा है उनके प्रति आपत्ति करते हैं. भारत की जनता जानती है समय आने पर जवाब देगी. संघ से हमें मार्गदर्शन मिलता है. 

क्यों हो रही RSS की बैठक?

वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक सुरेश शर्मा ने कहा कि संघ साल भर में एक बार इस तरह की बैठक करता है. जिसमें देखा जाता है कि साल भर में जो हमने काम किया है. उसकी क्या स्थिति है और आने वाले समय में देश और हमारे सामने क्या चुनौती रहेंगी. राम मंदिर, ज्ञानवापी और सरकार किस दिशा में जा रही है उसमें हस्तक्षेप की जरूरत है या नहीं. लोकसभा के चुनाव आने वाले हैं उसके बारे में भी बैठक में चर्चा हो सकती है. संघ की छोटी टोली की बैठक है. जिसमें आने वाले सालों को लेकर रणनीति संघ बन सकता है

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