जहां मिलेंगे बाबू सोना, तोड़ देंगे कोना-कोना..', वैलेंटाइन डे के खिलाफ संगठनों ने दी चेतावनी, लाठियां को तेल पिला रहे
दुनियाभर में बड़ी संख्या में लोग वैलेंटाइन वीक को उत्साह के साथ मनाते हैं। 7 दिनों तक अलग-अलग डे के हिसाब से चलने वाला ये उत्सव 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे के साथ खत्म होता है। वैलेंटाइन डे को आम तौर पर प्यार के इजहार का दिन माना जाता है लेकिन इसे लेकर बड़े स्तर पर हंगामा भी देखने को मिलता रहता है।
लाठियों को तेल पिलाकर चेतावनी
वैलेंटाइन डे से 3 दिन पहले शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने पीली कोठी के पास पहलवान बंबा प्रांगण में एक बैनर लगाया हैं जिसमें लिखा है 'जहां मिलेंगे बाबू सोना-तोड़ देंगे कोना-कोना'। इसके साथ ही संगठन के लोगों द्वारा लाठियों को तेल पिलाकर सड़कों पर मोटरसाइकिल से घूम रहे प्रेमी जोड़ों और लड़कों और लड़कियों को सड़क पर घूमने एवं रेस्टोरेंट में जाने के खिलाफ चेतावनी दी है।
वैलेंटाइन डे की जगह माता-पिता का आशीर्वाद लें'
शिवसेना राज्य प्रमुख पप्पू तिवारी ने बताया कि हिन्दू सनातन संस्कृति में पाश्चात्य संस्कृति की नकल कर दूषित मानसिकता फैलाई जा रही है। फूहड़ विदेशी संस्कृति के कुप्रभावों से युवा पीढ़ी को बचाने के लिए वैलेंटाइन डे की जगह अपने परिवार माता पिता का आशीर्वाद लें। उन्होंने कहा कि शहर के मंदिरों, पार्कों, होटल-रेस्टोरेंट में जहां भी प्रेमी जोड़े मिलेंगे उन्हें सबक सिखाया जाएगा।
वैलेंटाइन के पक्ष और विपक्ष में दलील
वैलेंटाइन डे के समर्थक इसे प्यार के संकेतों की तलाश कर रहे लोगों के लिए खास बताते हैं तो वहीं, इस दिन का विरोध करने वालों का कहना है कि वेलेंटाइन डे पश्चिमी संस्कृतियों से उधार लिया गया उत्सव है, जिसका हमारी सभ्यता में कोई स्थान नहीं है। इस दिन पार्क अभद्रता के केंद्र बन जाते हैं। हम ऐसी हरकतों को बर्दाश्त नहीं करेंगे और ऐसा करने वालों को सबक सिखाएंगे।
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