जानिए हनुमान जी को क्यों चढ़ाया जाता है सिंदूर का चोला, क्या है इसका प्रभु श्री राम और माता सीता से कनेक्शन

सिंदूर का चोला चढ़ाने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और भक्तों के सारे संकटों को दूर करते हैं. क्या आप जानते हैं कि सिंदूर का चोला चढ़ाने से वो क्यों प्रसन्न होते हैं, हर हनुमान भक्त को इसकी कथा जानना जरूरी है.

Oct 31, 2023 - 19:36
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जानिए हनुमान जी को क्यों चढ़ाया जाता है सिंदूर का चोला, क्या है इसका प्रभु श्री राम और माता सीता से कनेक्शन

प्रभु श्रीराम के अनन्य भक्त महापराक्रमी श्री हनुमान जी अपने उन भक्तों से अत्यंत प्रसन्न होते हैं, जो उन्हें उनका प्रिय भोग, सिंदूर का चोला चढ़ाने के साथ प्रभु श्री राम का नाम जपते हैं. वैसे तो भक्ति भाव रखने वाले लोगों को किसी विशेष दिन की आवश्यकता नहीं होती है. वह हर दिन, हर क्षण अपने इष्ट की उपासना में लीन रहते हैं. इसके बावजूद हनुमान जयंती और बुढ़वा मंगल जैसे विशेष दिनों में हनुमान जी को चोला चढ़ाने के लिए लोग बढ़ चढ़कर आगे आते है. साथ ही सप्ताह के मंगलवार और शनिवार के दिन भी भक्त हनुमान जी को चोला चढ़ाते है. आपने देखा होगा कि मंदिरों या घरों में जहाँ भी श्री हनुमान जी की प्रतिमा होती है उस पर जन्मोत्सव के अलावा मंगलवार और शनिवार को सिंदूर का चोला चढ़ाया जाता है. माना जाता है कि हनुमान जी को सिंदूर का चोला चढ़ाने से वो प्रसन्न होते हैं और भक्त के सारे संकटों को दूर करते हैं. क्या आप जानते हैं कि सिंदूर का चोला चढ़ाने से वो क्यों प्रसन्न होते हैं, हर हनुमान भक्त को इसकी कथा जानना जरूरी है. 

लंकाधिपति रावण द्वारा सीता माता का हरण करना और सबसे पहले सौ योजन लंबे समुद्र को लांघ कर सीता जी का पता लगाने की घटना तो सभी जानते हैं. लंका विजय के पश्चात अयोध्या लौटने पर युद्ध में सहयोग करने वालों को विभिन्न उपहार भेंट किए गए. माता सीता ने अपनी मोतियों की माला पुत्र के समान प्रिय हनुमान जी को भेंट की जिसे हनुमान जी ने उलट-पुलट कर देखा और दांतों से सभी मोतियों को तोड़ने लगे. सीता जी ने जब हनुमान जी से ऐसा करने का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि इनमें प्रभु राम जी का नाम तो कहीं लिखा ही नहीं है. इसलिए यह मेरे किस काम का. इस पर सीता जी ने उन्हें अपनी मांग का थोड़ा सा सिंदूर दिया और कहा कि मैं इसे प्रभु श्री राम के नाम से लगाती हूं, वो इसी से प्रसन्न होते हैं. तब हनुमान जी ने माता सीता से काफी मात्रा में सिंदूर ले लिया और अपनी पूरी देह पर यह सोच कर लपेट लिया कि अब प्रभु का आशीर्वाद उन्हें भी मिल सकेगा. हनुमान जी को इसलिए सिंदूर प्रिय है और भक्त चोला चढ़ाते हैं. 

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