'जेल में रहते हुए भी नामांकन किया जा सकता है दाखिल', ताहिर हुसैन की अंतरिम जमानत पर HC की टिप्पणी

ताहिर हुसैन मुस्तफाबाद विधानसभा सीट से AIMIM पार्टी के उम्मीदवार हैं. उन्होंने चुनाव प्रकिया में हिस्सा लेने और चुनाव प्रचार के लिए 14 जनवरी से 9 फरवरी तक अंतरिम जमानत की मांग की है

Jan 13, 2025 - 16:34
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'जेल में रहते हुए भी नामांकन किया जा सकता है दाखिल', ताहिर हुसैन की अंतरिम जमानत पर HC की टिप्पणी

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन की अंतरिम जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए कहा है कि वो जेल से भी नामांकन पत्र दाखिल कर सकते है. कोर्ट ने ये टिप्पणी उस वक्त की जब ताहिर हुसैन के वकील ने चुनाव लड़ने के लिए अंतरिम जमानत की मांग की. हाईकोर्ट मंगलवार को भी अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई करेगा. ताहिर हुसैन मुस्तफाबाद विधानसभा सीट से AIMIM पार्टी के उम्मीदवार हैं. उन्होंने चुनाव प्रकिया में हिस्सा लेने और चुनाव प्रचार के लिए 14 जनवरी से 9 फरवरी तक अंतरिम जमानत की मांग की है.

दिल्ली पुलिस ने अंतरिम जमानत का किया विरोध

दिल्ली पुलिस ने ताहिर हुसैन की अंतरिम जमानत अर्जी का विरोध किया. दिल्ली पुलिस की ओर से एएसजी चेतन शर्मा ने कहा कि ताहिर हुसैन पर UAPA के निचली अदालत में मामला लंबित है. वो जेल से भी अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं. पहले भी लोग जेल से नामांकन दाखिल करते रहे हैं. ASG ने अपनी दलीलों के समर्थन में पंजाब के अलगाववादी नेता अमृतपाल सिंह का उदाहरण दिया जिन्होंने पिछले साल असम की डिब्रूगढ़ जेल में रहते हुए लोकसभा चुनाव के दौरान खडूर साहिब लोकसभा सीट से स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था.

ताहिर हुसैन के वकील की दलील

ताहिर हुसैन की ओर से पेश वकील राजीव मोहन ने अंतरिम जमानतके पक्ष में दलील रखते हुए कहा कि AIMIM ने उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया है. AIMIM अधिकृत पार्टी है. उन्हें हलफनामे के ज़रिए अपनी संपत्ति की सही-सही जानकारी देनी है. इस लिहाज से नामांकन पत्र दाखिल करने और चुनाव लड़ने के लिए उन्हें 25 दिनों की अंतरिम जमानत चाहिए.

इंजीनियर राशिद का उदाहरण दिया

दिल्ली दंगों में UAPA के तहत दर्ज केस और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में भी उन्होंने निचली अदालत में अंतरिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की है. हाईकोर्ट में उन्होंने आईबी अफसर अंकित शर्मा के मर्डर केस में अंतरिम जमानत की मांग की है. ताहिर हुसैन के वकील ने अपनी दलीलों के समर्थन में इंजीनियर राशिद का हवाला दिया जिन्हें जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव में चुनाव प्रचार अंतरिम जमानत मिली थी.

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