ताज महल पर कैलाश विजयवर्गीय के बयान से बवाल; जानिए क्या कुछ बोल गए मंत्री जी
मंत्री के ताजमहल और बिहारियों को लेकर दिए गए बयानों के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है. विपक्षी दलों ने उनके वक्तव्य को अनावश्यक, तथ्यहीन और समाज को बांटने वाला बताते हुए कड़ी आलोचना की है. विपक्ष का कहना है कि इस तरह के बयान इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करने और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वाले हैं. वहीं भाजपा समर्थकों का कहना है कि मंत्री ने अपनी विचारधारा के अनुरूप बात रखी है.
मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (BJP Leader) के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) एक बार फिर अपने बयानों को लेकर राजनीतिक सुर्खियों में आ गए हैं. बुधवार को सागर जिले के बीना (Bina) नगर में स्वर्गीय राकेश सिरोठिया की स्मृति में आयोजित क्रिकेट टूर्नामेंट के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे मंत्री विजयवर्गीय ने मंच से ताजमहल (Taj Mahal) को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है.
क्या कुछ बोल गए मंत्री जी?
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध ताजमहल मूल रूप से एक मंदिर था, जिसे मुगल शासक शाहजहां ने बाद में मकबरे में तब्दील कर दिया. उन्होंने दावा किया कि शाहजहां की पत्नी मुमताज को पहले मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में दफनाया गया था, लेकिन बाद में जिस स्थान पर मंदिर का निर्माण हो रहा था, उसी जगह मुमताज के शव को दफन कर ताजमहल का निर्माण कराया गया. मंत्री के इस बयान को लेकर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों में चर्चा होती रही, वहीं राजनीतिक गलियारों में भी इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं.
मंत्री विजयवर्गीय ने अपने संबोधन के दौरान बिहारियों को लेकर भी टिप्पणी की, जिसे लेकर विवाद और गहराता नजर आ रहा है. उन्होंने कहा, “यह जरूरी नहीं कि बिहार का आदमी विनम्र हो, लेकिन हमारे राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नवीन नितिन विनम्रता के साथ आगे बढ़े हैं.” उनके इस कथन को लेकर भी अलग-अलग वर्गों में नाराजगी देखी जा रही है.
इसके साथ ही मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बीना की राजनीति पर भी टिप्पणी की. उन्होंने बीना विधायक निर्मला सप्रे का जिक्र करते हुए कहा कि वे पहले कांग्रेस से चुनाव लड़ी थीं, लेकिन अब भारतीय जनता पार्टी के साथ हैं. उन्होंने इसे भाजपा की नीतियों और नेतृत्व पर जनता के विश्वास का परिणाम बताया.
मंत्री के ताजमहल और बिहारियों को लेकर दिए गए बयानों के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है. विपक्षी दलों ने उनके वक्तव्य को अनावश्यक, तथ्यहीन और समाज को बांटने वाला बताते हुए कड़ी आलोचना की है. विपक्ष का कहना है कि इस तरह के बयान इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करने और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने वाले हैं. वहीं भाजपा समर्थकों का कहना है कि मंत्री ने अपनी विचारधारा के अनुरूप बात रखी है.
फिलहाल मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस बयान को लेकर प्रदेश की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है.
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